बरेली। साइबर चोरों ने ईमेल हैक करके से बीस लाख रुपये निकालने की कोशिश की लेकिन ऐन मौके पर बैंक अधिकारियों के अलर्ट से रुपये निकलने से बच गए। बैंक के सचिव की तहरीर पर थाना प्रेमनगर में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, आईडीबीआई बैंक से समय-समय पर का खाते का ट्रांसजेक्शन करता है। 27 दिसंबर को बैंक ने एक खाते से दूसरे खाते के लिए करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए मेल आईडी आईडीबीआई बैंक को भेजी। एक करोड़ रुपये ट्रांसफर होने के बाद साइबर अपराधियों ने मेल के साथ भेजा लेटर को हैक करके एकाउंट नंबर और एक करोड़ रुपये की जगह बीस लाख रुपये भर कर दिल्ली के बैंक एकाउंट में आरटीजीएस करने के आदेश दिए। आईडीबीआई के अधिकारियों ने फोन करके बीस लाख रुपये की जानकारी मांगी तो अर्बन कोऑपरेटिव सचिव श्रीपाल कश्यप ने बताया कि बैंक ने किसी भी एकाउंट में रुपये ट्रांसफर करने संबंधी लेटर जारी नहीं किया है। इसके बाद श्रीपाल कश्यप ने डिटेल लेकर दिल्ली के एकाउंट होल्डर से फोन पर संपर्क किया तो वह स्विच ऑफ था। श्रीपाल कश्यप ने बताया कि बैंक में आरटीजीएस करने का प्रावधान नहीं हैं। सभी भुगतान मेल से ही ट्रांसफर होता है। उन्होंने अज्ञात साइबर अपराधियों ने थाना सुभाषनगर में अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट कराई है।