मौसम ने बुधवार को अपने तेवर दिखाए तो बेसिक स्कूलों के बच्चे ठंड में सिकुड़ते ही नजर आए। जिले के 3.21 लाख बच्चों में अब तक सिर्फ 95 हजार बच्चों को ही स्वेटर बांटे जा सके हैं। पहले से ही स्वेटर वितरण में काफी देरी कर चुके अधिकारियों एवं शिक्षकों का अब नया बहाना दिवाली की छुट्टी है। उनका कहना है कि इसके कारण ही स्वेटर वितरण में देरी हुई।
जिले भर में बेसिक शिक्षा के 2892 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 31 अक्टूबर तक स्वेटर वितरण किया जाना था। मगर बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार इसको लेकर लापरवाह हैं। जिले के बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले 3 लाख 21 हजार 827 बच्चों में बुधवार तक सिर्फ 95 हजार बच्चों को ही स्वेटर बांटे जा सके हैं। बुधवार को मौसम के अचानक करवट लेने से ठंड भी काफी बढ़ गई है लेकिन इसके बावजूद अफसर स्वेटर वितरण को लेकर गंभीर नहीं नजर आ रहे हैं।
बजट भी नहीं हुआ ट्रांसफर
शासन से स्वेटर वितरण के लिए 2.94 करोड़ रुपये जिले को मिल चुके हैं। मगर ढिलाई के चलते यह रुपये अब तक स्कूलों के खाते में ट्रांसफर नहीं हुए हैं। तर्क है कि दिवाली की छुट्टी पड़ गई थी जबकि यह रुपये एक नवंबर को आ गए थे। चर्चा है कि रुपये ट्रांसफर होने में लापरवाही के चलते भी स्वेटर वितरण का काम ढीला है।
स्वेटर वितरण का बजट ट्रांसफर कराया जा रहा है। दिवाली के अवकाश की वजह से भी स्वेटर वितरण प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को इसकी समीक्षा करके तेजी लाई जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए