बरेली। रविवार को कोल्डड्रिंक पीकर तीन साल के मासूम और उसके मामा के दोस्त की हालत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत मिलने पर फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पीड़ित परिवार ने दुकानदार के खिलाफ नकली कोल्डड्रिंक बेचने का आरोप लगाते हुए थाना इज्जतनगर में तहरीर दी है।
इज्जतनगर के छोटी विहार निवासी नरसिंह फास्टफूड का ठेला लगाते हैं। नरसिंह का साला कैंट के बरकलीगंज निवासी शेर सिंह अपनी बहन चांदनी और भांजे तीन वर्षीय पीयूष को लेने आए थे। साथ में उनके दोस्त चंद्रप्रकाश भी थे। नाश्ते के दौरान चंद्रप्रकाश पड़ोस के मौर्य मार्केट में पंडित की दुकान से आधा लीटर की एक हरे रंग की कोल्डड्रिंक की बोतल खरीदकर ले गए। कोल्डड्रिंक पीते ही पीयूष को उल्टी हुई और वह बेहोश हो गया। चंद्रप्रकाश भी कोल्डड्रिंक पीकर बेहोश हो गए और उनके मुंह से झाग आने लगे। नरसिंह के मुताबिक कोल्डड्रिंक में एसिड जैसी गंध आ रही थी। दोनों को पीलीभीत बाईपास के निजी अस्पताल भर्ती कराने के बाद परिजन इज्जतनगर थाने पहुंचे। नरसिंह ने बताया कि कोल्डड्रिंक हाथ पर उड़ेलने के बाद बहुत तेज जलन होने लगी। सफेद निशान पड़ गए। कोल्डड्रिंक को उंगली पर लगाकर चेक करने पर इंस्पेक्टर मनोज त्यागी के हाथ में भी जलन होने लगी। उनकी सूचना पर एफएसडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। दुकानदार से पूछताछ के बाद सीबीगंज में कंपनी के स्टाकिस्ट के यहां भी जांच की गई।
दुकानदार के नौकर की भी हालत बिगड़ी
पीड़ित परिवार जब शिकायत करने हलवाई की दुकान पर पहुंचा तो मालिक ने एक नौकर को कोल्डड्रिंक पीने को कहा। वह भी कोल्डड्रिंक पीकर उल्टी करते हुए बेसुध हो गया। दुकानदार ने उसे इलाज का आश्वासन दिया लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंचा।
एफएसडीए अफसरों ने कहा- हम कैसे करें जांच
शिकायत के बाद हम रामनाथ की दुकान पर गए थे। यह बोतल मार्च में पैक की गई थी। जांच के लिए एक मेल की चार बोतलों की जरूरत होती है। कई जगह ढूंढने के बावजूद उस बैच की अन्य बोतलें नहीं मिली। कल फिर प्रयास करेंगे। हालांकि बोतल में बची करीब 50 एमएल कोल्डड्रिंक की जांच पुलिस अपने स्तर पर कर सकती है। - एसएन कुशवाहा, एफएसडीए
अंदरूनी अंगों में हुई ब्लीडिंग
बच्चे और उसके मामा दोनों की हालत गंभीर है। जो भी कुछ पिया वह एसिड जैसा लगता है। दोनों के शरीर में इंटर्नल ब्लीडिंग हुई है। पेट की सफाई के दौरान चंद्रप्रकाश के पेट से करीब 100 खून निकला। इसलिए बच्चे की सफाई से पहले उसे दवा दी गई। कुछ खून के क्लाट फिर भी निकले। इलाज के बाद जल्द ही हालत में सुधार होगा। - डॉ. फैसल खान, कोपल अस्पताल