बदायूं। कादरचौक पीएचसी पर तैनात ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (बीपीएम) ने जिला महिला अस्पताल स्थित सीएमओ कार्यालय में घुसकर वरिष्ठ लिपिक सुरेश चंद्र को गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गए। अचानक गोली चलने से सीएमओ दफ्तर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम पारसनाथ मौर्या, सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस देवेश सिंह, कोतवाल राजीव कुमार मौके पर पहुंच गए। वरिष्ट लिपिक ने हमलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। विवाद एक स्टाफ नर्स को लेकर बताया जा रहा है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के जालंधरी सराय के रहने वाले सुरेश चंद्र शुक्रवार शाम करीब सात बजे अपने साथी कर्मचारी संजीव कुमार के साथ कार्यालय में बैठे काम कर रहे थे। तभी कादरचौक पीएचसी पर तैनात बीपीएम नाजिम सीएमओ कार्यालय पहुंचा। उसने पहुंचते ही वरिष्ठ लिपिक सुरेश को गालियां देना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कर्मचारी संजीव ने नाजिम को पकड़कर कमरे से बाहर निकालकर दरवाजा बंद कर दिया। तभी उसने तमंचा निकालकर फायर कर दिया और मौके से निकला। तमंचे से निकली गोली कमरे का दरवाजा चीरने के बाद सुरेश के दाएं कंधे को छूती हुई निकल गई। कंधे में गोली लगने से सुरेश घायल हो गए।
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स्टाफ नर्स ने लिखाई छेड़छाड़ की रिपोर्ट
कादरचौक। वरिष्ठ लिपिक सुरेश चंद्र ने बताया कि एक स्टॉफ नर्स उनकी परिचित है। दो सप्ताह पहले बीपीएम नाजिम व डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज कुमार ने स्टॉफ नर्स से छेड़छाड़ की थी। मामला थाने पहुंचा तो आरोपियों ने नर्स से माफी मांग ली थी। सुरेशचंद्र के मुताबिक आरोपी अपने पद का दुरुपयोग कर स्टॉफ नर्स का उत्पीड़न करते हैं। अश्लील हरकतों का विरोध करने पर नौकरी से हटवाने की धमकी देते हैं। शुक्रवार सुबह मनोज और नाजिम ने फिर स्टॉफ नर्स से बदसलूकी और छेड़छाड़ की थी। इसकी शिकायत मिलने पर सुरेश चंद्र ने नाजिम को फोन फटकारा था। इसी से नाराज नाजिम शाम को उन पर हमला बोल दिया। उधर, स्टॉफ नर्स ने थाना कादरचौक में डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज और बीपीएम नाजिम के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वर्जन-
स्टाफ नर्स को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। घायल लिपिक की तहरीर पर कोतवाली में आरोपी नाजिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, कादरचौक थाने में नर्स ने नाजिम व डीपीएम मनोज के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
- वीरेंद्र सिंह यादव, सीओ सिटी