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स्टे के बावजूद दरोगा जी ने खड़े होकर कराया निर्माण

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सीबीगंज। पुलिस किस तरह कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर अपनी मनमानी करती है इसका ताजा उदाहरण थाना पुलिस के एक दरोगा ने पेश किया। उन्होंने भूमाफिया से साठगांठ कर कोर्ट के स्टे के बाद भी मौके पर खड़े होकर एक संपत्ति पर निर्माण शुरू करा दिया। पीड़ित ने इसका वीडियो बना लिया और इसकी शिकायत डीआईजी व डीएम से कर दी। डीआईजी ने इंस्पेक्टर को तत्काल निर्माण रोकने और वीडियो की जांड का आदेश दिया। कहा कि दरोगा की गलती मिली तो निलंबित कर दें। वहीं डीएम ने जांच एसडीएम सदर को सौंपकर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
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थाना किला के कंघीटोला निवासी आमिर मियां ने अधिकारियों को दिए पत्र में बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति सीबीगंज थाने के बिधौलिया गांव में है। इसका गाटा संख्या 166 है। उनकी खाली पड़ी जमीन पर गांव के ही सगीर खां, मोहम्मद इकरार, बाबू भंडारी व सनईया रानी गांव के भूमाफिया तफज्जुल हुसैन व उसके बेटे ताहिर हुसैन ने कब्जा करने की कोशिश की थी। इसके बाद आमिर कोर्ट की शरण में गए और कोर्ट ने इसका फैसला आमिर के पिता हसीन मियां के पक्ष में कर दिया। राजस्व परिषद ने भी इस मामले में यथास्थिति रखने का आदेश दिया। आरोप लगाया कि इसके बावजूद थाने के दरोगा शशांक के साथ मिलकर आरोपियों ने जबरन उनके प्लाट पर चहारदीवारी खड़ी करा दी। ये लोग रात के अंधेरे में काम करते हैं और सुबह हट जाते हैं। खुद दरोगा मौके पर खड़े होकर निर्माण कराते हैं। पीड़ित से मामला निपटाने के लिए दस लाख रुपये की मांग की जा रही है। उसकी सुनवाई नहीं हो रही। आमिर ने डीआईजी व डीएम के यहां गुहार लगाई। डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी है। डीआईजी ने मौके पर चल रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया। डीआईजी ने इंस्पेक्टर सीबीगंज राजकुमार भारद्वाज को आड़े हाथों लिया और दरोगा की जांच कराने को कहा।

किसकी जमीन है या निर्माण सही है या गलत, ये जांचना पुलिस का काम नहीं है पर पुलिस बिना किसी वैध आदेश के खड़े होकर निर्माण कराए ये भी गलत है। शिकायतकर्ता वीडियो में दरोगा के खड़े होने का दावा कर रहे हैं। अगर आरोप सही हुआ तो दरोगा पर कार्रवाई कराएंगे। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
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