बदायूं। पीसीएफ गोदाम से तीन करोड़ रुपये की खाद गायब होने के मामले में शुरू में डीएम ने सख्ती की तो लगा कि घोटालेबाजों को अपने किए की सजा मिलेगी। मगर धीरे-धीरे मामला ठंडा पड़ता जा रहा है। चर्चा है कि अब मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले के खुलासे को चार दिन बीत गए हैं, लेकिन करोड़ों का घपला करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। न ही अब तक किसी ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि आखिर गायब खाद कहां पर है? एआर कोआपरेटिव का कहना है कि उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने को एसएसपी को पत्र दिया है, जबकि थाना सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि पहले दिन तहरीर दी गई थी, जो बाद में वापस ले ली गई। इससे चर्चाओं को बल मिल रहा है।
अलापुर रोड स्थित पीसीएफ गोदाम से करीब तीन करोड़ रुपये की खाद को ठिकाने लगा देने का मामला शनिवार को प्रकाश में आया था। डीएम की तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामला सही पाया था। डीएम ने संबंधितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के उसी दिन शाम को आदेश दे दिए थे, लेकिन तीन करोड़ की 3102 मीट्रिक टन खाद के गायब हो जाने के मामले में पुलिस में अब तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। इससे इस बात की चर्चाएं ज्यादा जोर पकड़ रहीं हैं कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब डीएम ने आदेश दे दिए तब रिपोर्ट लिखने में क्यों देरी की जा रही है, जबकि पूरे मामले से पर्दा उठ चुका है। शासन तक बात पहुंच गई है।
वर्जन-
इस मामले की संबंधितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को पत्र एसएसपी को दे दिया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं लिखी है यह पता नहीं।
- रावेंद्र सिंह, एआर कोआपरेटिव
पुलिस बोली- नहीं मिली है तहरीर
इस मामले की तहरीर पहले दी गई थी,लेकिन बाद में वापस ले ली। तहरीर आए तब ही मुकदमा लिखा जाएगा।
-अनिल कुमार सिरोही, एसएचओ सिविल लाइन