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25 लाख थे फड़ पर बरामद दिखाए 3.70 लाख

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बरेली। पुलिस अफसर के रिश्तेदार की सरपरस्ती में कौड़ियों से हो रहे लाखों रुपये का जुआ पकड़ने के लिए एएसपी अशोक मीणा खुद जुआरी बनकर पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि जुआ में 3.70 लाख रुपये, 21 मोबाइल, 16 कौड़ी और ताश के पत्ते बरामद हुए। वहीं लोगाें का कहना है कि फड़ पर 25 लाख रुपये थे। छोड़ने के एवज में वे सभी रुपये और कुछ अलग से देने की पेशकश भी की गई। नगर निगम के उपसभापति अतुल कपूर के अलावा कई नेता और व्यापारी उन्हें छुड़ाने थाने पहुंचे। एक बड़े नेता के बेटे भी फोन पर पैरवी करते रहे।
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पकड़े गए जुआरियों में अधिकांश व्यापारी हैं। बुजुर्ग सर्राफ संतोष भी लॉकअप में थे। आरोपी अपने ही साथी बबलू श्रीवास्तव को कोस रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पहले भी जुआ खेलते रहे हैं, पर कभी एक साथ इतने लोग नहीं बैठे। गुरुवार को बाजार बंद था। शुक्रवार को गंगास्नान पर भी कारोबार बंद रहना था। लिहाजा बबलू ने उन्हें ककोड़ा मेले में चलकर मस्ती करने और जुआ खेलने का सुझाव दिया। बबलू सभी को लेकर आया। यहां उनसे पैसे लेकर शराब, सिगरेट और खाने की व्यवस्था भी उसने की। पुलिस ने उसे भी पकड़ा और थाने पहुंचने तक छोड़ दिया। तब समझ में आया कि मुखबिरी उसी ने की है। वहीं थाने के बाहर जमा भीड़ में कई तरह की चर्चाएं थीं। पैरवी में आए लोग कह रहे थे कि फड़ 25 लाख रुपये थे। छूटने के लिए पुलिस को वे 25 लाख के अलावा अलग से रुपये देने की भी पेशकश की गई लेकिन कार्रवाई कर दी। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि एएसपी खुद जुआरी बनकर पहुंचे थे, वरना वहां तक पहुंचना मुश्किल था। हालांकि पुलिसवाले इसे एकदम सटीक और निष्पक्ष कार्रवाई बता रहे थे। उनका कहना था कि एसएसपी की कार्रवाई में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

पैरवी को पहुंचे उपसभापति बड़े नेता के बेटा फोन पर रहे
आरोपियों की पैरवी में नगर निगम के उप सभापति अतुल कपूर, कांग्रेस नेता राकेश सक्सेना, व्यापारी नेता विशाल मल्होत्रा, छैलबिहारी खंडेलवाल, वरुण सूरी और अमित आनंद समेत कई लोग पहुंचे। हालांकि ज्यादातर को पता था कि आईपीएस अफसर की कार्रवाई में थाने से राहत मिलना मुश्किल है, इसलिए उनका जोर आरोपी पक्ष को सिर्फ अपना चेहरा दिखाना और उनके नाश्ते, खाने की व्यवस्था कराना रहा। वहीं एक बड़े नेता को फोन किया गया तो उनका बेटा भी रात भर सिफारिश में लगा रहा।
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रसूखदार है मकान मालिक तीन साल से करा रहा था जुआ
मकान मालिक मुकुल तीन दिन पहले से एक निजी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने मुकुल को भी आरोपी बनाया है। मुकुल के परिवार के लोग उत्तराखंड में पुलिस अधिकारी और नेता बताए जा रहे हैं। वह यहां अकेला रहता था। सूत्रों की मानें तो मुकुल तीन साल से पॉश कॉलोनी जगदीश विहार के अपने आलीशान घर में जुआ या ऑनलाइन सट्टा करा रहा था। धंधा कराने वाले अनूप सक्सेना और सुनील थे। मुकुल घंटा या दिन के हिसाब से पेमेंट लेता था। कार से लोग आते-जाते थे। पड़ोसी समझते थे कि वे मुकुल के दोस्त हैं।

ये आरोपी गए जेल
धंधे का मास्टरमाइंड राजेंद्रनगर निवासी अनूप सक्सेना, प्रेमनगर का ऋषभ, मनोज कुमार, प्रवीण, राजेंद्र नगर का अंकित अरोड़ा, कोतवाली के सिविल लाइंस का पवन मल्होत्रा, बांस मंडी का लवलेश कुमार, प्रेमनगर के प्रभातनगर का प्रवीण, बानखाना का चेतन मल्होत्रा, रामपुर गार्डन का संतोष कुमार, आलमगीरीगंज का सचिन अग्रवाल, कालीबाड़ी का अजय अग्रवाल, बारादरी की सिटी हार्ट कॉलोनी का टिंकू अरोड़ा, माधोबाड़ी का अंकुर, सिकलापुर का पंकज अग्रवाल, वीर सावरकर नगर के हिमांशु को शुक्रवार दोपहर प्रेमनगर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां सेे उन्हें जेल भेज दिया। कोर्ट की सख्ती भी लोगों में चर्चा का विषय रही क्योंकि आम तौर पर जुआ के मामले में जमानत दे दी जाती है।

जुआरियों पर कार्रवाई सही ही हुई होगी। फड़ से ज्यादा रकम बरामद कर कम दिखाने का कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। अगर कोई शिकायत मिलेगी जो जांच करा लेंगे। - प्रेमप्रकाश एडीजी, बरेली जोन
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