खैलम में बवाल के बाद भी पुलिस शीशगढ़ के गांव कुतुकपुर का माहौल भांपने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। गांव में एक समुदाय के त्यौहार पर पहले विवाद होने की प्रतिक्रिया में रास्ता रोका गया था, लोग कहते हुए सुने गए कि रास्ता सिर्फ इसलिए रोका गया ताकि आगे आने वाले उनके त्यौहार में दूसरा समुदाय हंगामा न करें। एलआईयू के पास भी विवाद की जानकारी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कांवड़ के परपंरागत रूट पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई बरती गई। अगर छतों की जांच हो जाती तो पत्थरों का जखीरा सामने आ जाता।
बता दें कि गांव से दो और कांवड़ियों के जत्थे गए थे। रविवार को भी उनका रास्ता रोकने की कोशिश हुई थी, लेकिन गांव के लोगों ने हस्तक्षेप करके मामला निपटा लिया था, लेकिन डाक कांवड़ियों पर पथराव करके घायल कर दिया गया। पथराव और भगदड़ के बाद एसपी देहात ख्याति गर्ग भी मौके पर पहुंची। एसडीएम बहेड़ी और सीओ बहेड़ी ने घटनास्थल का जायजा लिया। गांव में स्थित तनाव पूर्ण बनी हुई है। गांव के मुख्य रास्तों पर पुलिस बैरियर लगाकर लोगों की जांच कर रही है। गांव में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री बैन कर दी गई है। जांच के बाद ही गांव में जाने दिया जा रहा है। वहीं आईजी एसके भगत ने कहा कि गांव में किसी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन गांव का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।