बिथरीचैनपुर के गांव मोहनपुर में योगेश की हत्या उसकी सगी चाची ओमवती ने कर लाश को छत पर बने कमरे में छिपा दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी चाची को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाली कहानी गढ़ दी कि योगेश की मां का साया उसके ऊपर आता है। इसी साये ने उससे योगेश की हत्या करवा दी। पहले भी यह साया उससे काम करवाता रहा है।
एसपी सिटी रोहित सिंह सचवाण ने बताया कि बीती 14 जून की दोपहर जब योगेश घर वापस पहुंचा तो हत्यारोपी चाची उसको लेकर छत पर बने कमरे में पहुंची थी और डंडो से उसको पीटना शुरू कर दिया। योगेश जमीन पर गिर पड़ा तो उसके सीने पर चाची चढ़ बैठी और योगेश का गला दबा दिया। आरोपी चाची ने बताया कि जब उसने योगेश को छोड़ा तो उसकी सांस चल रही थी। योगेश को उठाकर बिस्तर पर डाल दिया था और पड़ोस में अपने घर पर छत के रास्ते दोबारा पहुंच गई। शाम को योगेश के पिता वीरेंद्र पाल सिंह के पहुंचने के बाद जब योगेश की मौत की बात सामने आई तो चाची भीड़ के साथ विलाप करने लगी थी।
बेटे के डूबने का दोषी मानती थी योगेश को
यह भी सामने आया कि दो महीने पहले गांव के इटोआ तालाब पर नहाने के लिए गए ओमवती के बेटे लव पटेल की डूबकर मौत हुई थी। इस दौरान योगेश भी साथ में था। ओमवती के दिल में यह बात बैठी हुई थी कि योगेश की वजह से उसके बेटे की मौत हुई थी। इसकी रंजिश वह योगेश से मानती आ रही थी।
हत्यारोपी चाची को भेजा जेल
बिथरी चैनपुर थाने की महिला कांस्टेबल प्रीति और सिपाही अंकुर ने खुलासे में अहम भूमिका अदा की। एसपी सिटी रोहित सिंह, सीओ तृतीय नीति द्विवेदी ने एसएचओ केपी सिंह सहित टीम को बधाई दी। सोमवार को चाची ओमवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।