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अवैध हथियार रखा तो खैर नहीं, चुनाव से पहले टारगेट पूरा करेगी पुलिस

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बरेली। अवैध हथियार रखना अपराध है पर कई बार पुलिस रस्सी का सांप बनाकर अपने गुडवर्क की इबारत लिख लेती है। आरोप लगते रहे हैं कि किसी और मामले में पकड़े व्यक्ति को बाद में तमंचा लगाकर चालान कर दिया गया। इस चुनाव में भी पुलिस पर शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई का दबाव है। खासकर देहात के थानों में इस मामले में कार्रवाई कम हुई है जिसे पूरा किया जाना अपेक्षित है।
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मार्च 2017 में योगी सरकार आने से पहले चुनाव आचार संहिता के दो महीने में शस्त्र अधिनियम के तहत देहात के थानों में 150 मामले दर्ज हुए थे। सोमवार को चुनाव आयोग की समीक्षा में जब इस बार देहात के थानों से जुड़े शस्त्र अधिनियम के आंकड़े पेश हुए तो वह महज 80 ही निकले। वरिष्ठ अधिकारियों ने कम कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा गया कि अवैध हथियार रखने वाले चुनाव में गड़बड़ी फैला सकते हैं, ऐसे में इन पर नरमी बरतने की क्या जरूरत है? मंगलवार को एसपी देहात संसार सिंह ने संबंधित थानों के भेजे गए आंकड़ों की समीक्षा की। इसमें बहेड़ी, नवाबगंज जैसे बड़े थानों से ठीक कार्रवाई की गई थी पर देहात के कई थानों में शस्त्र अधिनियम की कार्रवाई नगण्य जैसी ही थी। एसपी देहात ने इसके बाद चुनाव तक अवैध हथियार फैक्टरी चलाने वालों और अवैध हथियार रखकर घूमने वालों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाने के निर्देश संबंधित थानेदारों को दिए।

चुनाव के वक्त अवैध हथियार बनाने और बेचने का धंधा तेज होता है तो उसी के मुताबिक छापामारी व कार्रवाई बढ़ाई जाती है। इसमें कोई नई बात नहीं है। ऐसे अपराध में लिप्त लोगों पर ही कार्रवाई की जाएगी। - संसार सिंह, एसपी देहात
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