हरूनगला में हुए हादसे ने सिसइया मगनपुर गांव के तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। रोते-बिलखते ये परिवार टेलीकॉम कंपनी और ठेकेदार को कोसते रहे। हादसे में मारे गए उदयवीर की सिर्फ दो बीघा जमीन है। वह पहले दिल्ली में एक हेलमेट फैक्ट्री में काम करता था और हाल में लौटा था।
सुभाष के कहने पर चार दिन पहले से ही टेलीफोन कंपनी का काम शुरू किया था। उसकी मौत की खबर आते ही पिता भजन लाल और मां लौंगश्री गश खाकर गिर पड़े। पत्नी मिथलेश और बेटी का और ज्यादा बुरा हाल था। सुभाष के साथ उसके दामाद के हादसे में मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा है। गांव चंपातपुर देवचरा के मूल निवासी सुभाष 15 साल पहले गांव सिसइया आकर अपनी ससुराल में बस गए थे।
उनकी बेटी स्वाति के अलावा बेटे राहुल और संजीव हैं। राहुल ने पढ़ाई छोड़ चुका है जबकि संजीव छठवीं में पढ़ता है। स्वाति की शादी दो साल पहले बदायूं के गांव सिंगहोइ के अनूप से की थी। उसकी छह माह की बेटी है। सुभाष ने छह महीने पहले ठेकेदार के साथ काम शुरू किया था। सुभाष का दामाद अनूप मंगलवार को ही काम करने गया था, हादसे में वह भी नहीं रहा।
रिश्ते के भाई की तहरीर पर केस दर्ज
सुभाष कुमार के रिश्ते के भाई ऋषिपाल ने बारादरी थाने में तहरीर सौंपी दी जिसके आधार पर पुलिस ने जिओ कंपनी के ठेकेदार विजय शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर कृष्णवीर ने बताया कि बिजली विभाग से मिली तहरीर के आधार पर बाकी एजेंसी और ठेकेदार के नाम विवेचना में खोले जाएंगे।
नगर आयुक्त बोले- टेलीकॉम कंपनी को जारी करेंगे नोटिस, बिना अनुमति कैसे करा ली खुदाई
हरूनगला हादसे में तीन मजदूरों की मौत के मामले में नगर निगम भी सख्त रुख अख्तियार कर रहा है। प्रभारी नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने बताया कि खुदाई या खंभा लगाने के लिए कोई आवेदन कंपनी की तरफ से नहीं आया था। बिना अनुमति यह काम नहीं कराया जाना चाहिए था। टेलीकॉम कंपनी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उनके खिलाफ विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।