पूरनपुर (पीलीभीत)। गांव कीरतपुर जैनपुर में धार्मिक स्थल की जगह को लेकर चल रहे पुराने विवाद में शनिवार रात पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष भिड़ गए। पथराव के साथ हवाई फायरिंग भी की गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और मामला शांत कराया। दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर पुलिस फोर्स बढ़ा दिया गया है।
कीरतपुर जैनपुर में धार्मिक स्थल के स्वामित्व को लेकर बलजीत सिंह और अमरजीत सिंह में विवाद है। एसडीएम कोर्ट से विवाद को लेकर फैसला भी हो चुका है। इसमें कहा गया कि विवादित धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के आर्थिक सहयोग और श्रम से बनाया गया है। यह किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं है, लेकिन अमरजीत सिंह व कश्मीर सिंह का नाम गांटा संख्या 275 में दर्ज है। इस कारण विवादित धार्मिक स्थल अमरजीत सिंह, कश्मीर सिंह की अभिरक्षा में दिया गया था। यह कहा गया था कि स्थल पर पूजा अर्चना विधि अनुरूप निरंतर होती रहेगी। 16 सितंबर को पूजा पाठ सुचारू कराने और नियुक्त रिसीवर और पाठ करने वाले की नियुक्ति को समाप्त कर दिया गया था। धार्मिक स्थल पर पूजा निर्विघ्न संचालित होती रहे, इसके लिए कोतवाल को सुरक्षा के निर्देश दिए गए थे। धार्मिक स्थल की कुछ जगह को लेकर शनिवार रात को दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लोग इकट्ठा हुए और सुरक्षा को लगाई गई पुलिस के सामने ही पथराव कर दिया। दोनों ओर से फायरिंग की गई। घटना की खबर मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम चंद्रभानु सिंह, सीओ कमल सिंह, नायब तहसीलदार अनुराग सिंह, इंस्पेक्टर अजब सिंह, सेहरामऊ एसओ खीम सिंह जलाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इसको समझा-बुझाकर शांत कराया गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। एक पक्ष से हरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, सतनाम सिंह ने संयुक्त और दूसरे पक्ष से रंजीत सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इसमें पथराव, फायरिंग करने का आरोप लगाया।
यह है पूरा मामला
कीतरपुर जैनपुर में एक धार्मिक स्थल को लेकर सिख समुदाय के दो पक्षों में विवाद था। धार्मिक स्थल में श्री गुरुग्रंथ साहिब को रखा गया था। निशान साहिब नहीं लगा था। विवाद के चलते श्री गुरुग्रंथ साहिब को नानकमत्ता गुरुद्वारा पहुंचवा दिया गया था। 30 अगस्त 2018 को भवन को सील कर नायब तहसीलदार अनुराग सिंह को रिसीवर बनाया गया। एक पक्ष ने उच्च न्यायालय की शरण ली। कोर्ट ने एसडीएम को सिख समुदाय का रिसीवर और ग्रंथी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रधान बलजीत सिंह को रिसीवर नियुक्त किया। ग्रंथी की भी तैनाती की गई। इसके बाद धार्मिक स्थल पर गुरु रामदास के जन्मोत्सव को लेकर चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक स्थल पर निशान साहिब लगा दिया गया। दो दिन बाद कोतवाली पुलिस ने लेखपाल अरविंद कुमार की ओर से धार्मिक स्थल के रिसीवर बलजीत सिंह खैरा व अन्य कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
सील धार्मिक स्थल के ताले तोड़ने की हो चुकी कोशिश
तीन सितंबर को बलजीत सिंह ने अपने पक्ष के लोगों के साथ धार्मिक स्थल में लगे सरकारी तालों को तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया। इसकी जानकारी लगते ही दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग मौके पर आ गए। तनाव को लेकर कई थानों की पुलिस, एडीएम और अन्य अफसरों को मौके पर पहुंचना पड़ा। भवन में घुसे लोगों को भारी मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन ने निकालकर भवन को दुबारा सील किया था। इससे पहले पुलिस, प्रशासन की टीम को घेरने की कोशिश हुई। महिला कांस्टेबल की पिटाई की गई थी। कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार/रिसीवर अनुराग सिंह की ओर से बलजीत सिंह, रणजीत सिंह, हरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, बलजीत सिंह की मां और 45 सिख और 15 महिलाओं के खिलाफ बलबा, सरकारी कार्य में वाधा, चोरी, तोड़फोड़, अभद्रता करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
दोनों पक्षों से मिली तहरीरों की जांच के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए गए हैं। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए धार्मिक स्थल की सुरक्षा में फोर्स बढ़ाया गया है। मामले में निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। - कमल सिंह, सीओ