पीलीभीत। बिना अनुमति धारा 144 के बीच नगर कीर्तन निकालने के मामले में माधोटांडा थाने पर दर्ज की गई एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गयी। नगर कीर्तन के आयोजकों की प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। डीएम और एसपी ने साफ किया कि प्रशासन सभी धर्मों का बराबर सम्मान करता है। इसको गलत तरीके से पेश ना किया जाए।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर हुए उपद्रव को देखते हुए शासन स्तर से सख्ती के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान धारा 144 लागू कर दी गई थी। 28 दिसंबर को माधोटांडा में एक निकाले जा रहे नगर कीर्तन की अनुमति न होने पर कार्रवाई की गई थी। पांच नामजद और अज्ञात के खिलाफ माधोटांडा थाने में धारा 144 के उल्लंघन पर धारा 188 के तहत रिपोर्ट लिखी गई थी। इसका जनपद में कोई खुलकर विरोध नहीं हुआ, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल ने इसका संज्ञान ले लिया था। इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी ट्वीट किया था। इसको देखते हुए बुधवार को डीएम-एसपी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की थी।
डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि नगर कीर्तन पर कोई पाबंदी नहीं है। धारा 144 और कोई अनुमति न होने पर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन ने कोई धार्मिक सामग्री जब्त नहीं की थी। प्रशासन सभी धर्मों का सम्मान करता है। त्योहारों पर सहयोग करते हुए अनुमति प्रदान की जाती है। पूरनपुर में परंपरागत कीर्तन की अनुमति दी गई और नगर कीर्तन निकाला भी गया था। इसके बाद नगर कीर्तन निकालने वाले सिख समुदाय के लोगों से भी डीएम एसपी ने वार्ता की थी। इसमें सब स्थिति स्पष्ट कर दी गयी थी। कुछ लोग इसे गलत तरीके से पेश कर रहे थे। अब इसी वार्ता के आधार पर निर्णय लिया गया। एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि दर्ज एफआईआर में एफआर लगा दी गयी है। पुलिस प्रशासन किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।