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बलि कांड के मुख्य आरोपी ने कोर्ट में किया समर्पण, जेल भेजा

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बीसलपुर (पीलीभीत)। खजाने के लालच में चार साल के मासूम अरुण की बलि देने के मामले में मुख्य आरोपी सुधीर को पकड़ने में पुलिस असफल रही। उसने पुलिस से बचते-बचाते न्यायालय में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब पुलिस विवेचना तेज कर जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
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कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया रामगुलाम गांव निवासी प्रेमशंकर का चार वर्षीय पुत्र अरुण 18 नवंबर की शाम घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया था। दूसरे दिन 19 नवंबर की सुबह गांव के बाहर उसका शव तालाब में पड़ा मिला था। इंस्पेक्टर मनीराम सिंह की लापरवाही से मामला दो दिन तक दबा रहा। कोतवाल डूबने से मौत बताते रहे, लेकिन बाद में जब अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो शरीर पर आठ चोटें निकलीं और मामला हत्या का निकला। पुलिस ने अरुण के पिता की तहरीर पर सात दिन बाद गांव के सुधीर के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट लिखी। उस पर खजाने के लालच में बलि देने का आरोप था। पड़ताल में आरोप सही पाए गए। पुलिस ने दो तांत्रिक समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा था। सुधीर पुलिस के हत्थे नहीं लगा। सुधीर ने ही खजाने के लालच में तांत्रिक से मिलकर पूरी घटना रची थी। इस घटना में लालच में गांव के और लोग भी शामिल हो गए थे, एक महिला की तंत्र विद्या में जरूरत बताई गई थी तो सुधीर की पत्नी भी शामिल हो गई थी।
पांच दिन पूर्व पिता प्रेमशंकर ने एसपी से शिकायत कर सुधीर के परिजन पर धमकाने का आरोप लगाया था। कोतवाल आरोपों को झुठलाते रहे। सुधीर की गिरफ्तारी में भी कोतवाली पुलिस औपचारिकता निभाती रही। नतीजतन शनिवार को मुख्य आरोपी सुधीर ने न्यायालय में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि सुधीर कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया है। कुछ बरामदगी भी नहीं करनी है, इसलिए उसको रिमांड पर नहीं लिया जाएगा। विवेचना पूरी कराकर चार्जशीट दाखिल कराई जाएगी।
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