बिलसंडा(पीलीभीत)। खुटराया गांव में लंबी बीमारी के बाद जान गंवाने वाली एक किशोरी का गांव के बाहर दफनाया गया शव दो दिन बाद रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। रविवार सुबह इसका पता चलने पर शोर मचा तो परिजन भी पहुंच गए। पुलिस ने खोजी कुत्ते की मदद से शव ढूंढने की कोशिश की, मगर रात तक कुछ पता नहीं चला। पूरे दिन कुछ पता न चलने के कारण तंत्र विद्या की आशंका भी जाहिर की जाने लगी। इस घटना से आसपास के पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, क्योंकि छह महीने पहले भी इसी तरह एक किशोरी का शव गायब हुआ था।
बिलसंडा क्षेत्र के गांव खुटराया निवासी राकेश मजदूरी करते हैं। उनकी 15 वर्षीय पुत्री अंजली तीन माह से पीलिया से ग्रसित थी। परिजन प्राइवेट डॉक्टर से उसका इलाज कराते रहे। पांच दिसंबर की रात अंजली का निधन हो गया। शुक्रवार (छह दिसंबर) को गांव से तीन सौ मीटर दूर तालबाबा मंदिर के पास ग्राम समाज की जमीन एक टुकड़े में उसका शव दफना दिया गया। रविवार सुबह उधर से गांव के कुछ लोग गुजरे तो उनकी नजर खुदे हुए गड्ढे पर पड़ी। गड्ढे से तीन दिन पहले दफनाया गया किशोरी का शव गायब था। कुछ ही देर में गांव में इस बात का शोर मच गया। किशोरी के परिवार वाले भी आ गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे सीओ प्रवीण मलिक और इंस्पेक्टर हरिशंकर वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों और परिजन से मामले की जानकारी की। मुख्यालय से डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट टीम बुलाई। खोजी कुत्ता कुछ ही दूर आगे बढ़ने के बाद रुक गया। इससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। फील्ड यूनिट टीम के एक्सपर्ट ने जांच के लिए घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए। इंस्पेक्टर हरिशंकर वर्मा ने बताया कि पिता से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ शव गायब करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
योजनाबद्ध तरीके से शव निकाले जाने का शक
किशोरी का शव गायब होने के बाद खुटराया गांव में हर कोई हैरान है। वहीं पुलिस में भी घटना को लेकर खलबली मची है। शव निकालने के लिए जिस तरह से गड्ढा खोदकर मिट्टी हटाई गई है, उससे साफ है कि यह काम किसी जानवर का नहीं है बल्कि किसी इंसान ने ही शव निकाला है। ऐसे में शव गायब करने के पीछे पुलिस को तंत्र-विद्या का शक है। पुलिस ने इसी बिंदु पर छानबीन भी तेज कर दी है।
चंद दिन पहले ही बीसलपुर के गांव में एक मासूम की खजाने के लालच में बलि देने की घटना सामने आई थी। इसी वजह यह भी चर्चा रही कि खुटराया के मामले में भी कहीं तंत्र विद्या के लिए तो शव गायब नहीं किया गया। यह शक पुलिस अफसरों को भी हुआ, इसी कारण गांव और आसपास के इलाके में तंत्र-विद्या करने वालों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एसपी ने सर्विलांस और स्वाट प्रभारी आलोक मिश्र को भी टीम के साथ खुटराया भेजा। उन्होंने परिजन और ग्रामीणों से संपर्क कर जानकारी की। घटनास्थल के आसपास के इलाके को भी बारीकी से देखा। इसमें निकलकर आए कुछ तथ्यों पर काम भी शुरू कर दिया है।
कुछ समझ ही नहीं पा रहे परिजन
घटना के बाद किशोरी का परिवार कुछ समझ नहीं पा रहा है। पिता राकेश ने बताया कि अंजलि छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसकी बीमारी से मौत हुई। किसी से परिवार की कोई रंजिश नहीं। शव का कोई क्या करेगा, यह बात उन्हें भी समझ नहीं आ रही। मां राजकुमारी का बेटी की मौत के बाद से ही रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने किसी तरह की आशंका नहीं जताई, लेकिन इसका पर्दाफाश करने की मांग पुलिस से की।
नौ जून को भी इसी गांव में गायब हुआ था शव
खुटराया गांव में किशोरी का शव गायब होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल नौ जून को गांव के वसंतलाल की 15 वर्षीय पुत्री राजकुमारी का शव इसी तरह रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। वह टीबी की बीमारी के चलते मर गई थी। उसका शव भी गांव के बाहर निगोही ब्रांच नहर के किनारे दफनाया गया था। हालांकि उस वक्त पुलिस और ग्रामीणों ने किसी जानवर द्वारा शव निकालने की बात कही थी। तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, न ही शव का कुछ पता चला था।
घटना को गंभीरता से लिया गया है। पिता की तरफ से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अलावा सर्विलांस-स्वाट टीम भी लगाई है। कुछ बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द वर्कआउट किया जाएगा। - अभिषेक दीक्षित, एसपी