फरीदपुर। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही से हुई मौतों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस ने एक जेई और लाइन मैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
भुता के गांव नगीरामपुर निवासी कमरूद्दीन का पुत्र असलम 13 जुलाई 2018 को खेत में ट्रैक्टर चला रहा था। खेत से होकर 11 हजार केवीए की लाइन में फंसकर असलम की करंट से झुलस गया था। इस लाइन के ढीले तारों को कसवाने के लिए गांववालों ने कई बार तत्कालीन जेई आलोक प्रजापति से शिकायत की थी, लेकिन तार ठीक नहीं कराए गए। 27 जुलाई 2018 को कमरूद्दीन ने विद्युत कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भुता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक साल चली विवेचना में भुता पुलिस ने माना की जेई आलोक प्रजापति की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
इसके अलावा गांव ज्योति जागीर के कमला चरण का भतीजा गुड्डू प्राइवेट लाइनमैन के तौर पर काम करता था। 6 अप्रैल 2018 वह शटडाउन लेकर लाइन ठीक कर रहा था, लेकिन लापरवाही की चलते लाइन चालू कर दी गई, जिससे गुड्डू की करंट से मौत हो गई। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें पुलिस ने लाइनमैन राजेंद्र को दोषी माना हुए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।