शाहजहांपुर का ठेकेदार है मास्टरमाइंड, ईट भट्ठे के मजदूरों को ट्रेंड कर कराता है वारदात
बरेली। शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा निवासी चोरों ने राजस्थान के दौसा में एक बड़ी मोबाइल शॉप काटकर 43 मोबाइल चोरी कर लिए। इनमें से कुछ आधी कीमत में अलग-अलग शहरों में बेच दिए। बरेली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 39 मोबाइल बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि मास्टरमाइंड समेत वारदात में शामिल अन्य चोरों की तलाश की जा रही है। राजस्थान पुलिस भी आरोपियों से पूछताछ करने पहुंची है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने मंगलवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया। यहां शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा थाने की रामनगर कॉलोनी निवासी आरिफ अली और इमरान को पेश किया गया। इनके कब्जे से चोरी के नए 39 मोबाइल बरामद होने की बात कही गई। एसएसपी ने बताया कि मीरानपुर कटरा का ही सलीम मास्टरमाइंड है। वह ईट भट्ठों पर मजदूर की सप्लाई का ठेका लेता है। इन्हीं में से कुछ को ट्रेंड करके लूट, डकैती. चोरी की घटनाएं करता है। सलीम और उसके गैंग ने 22 दिसंबर की रात दौसा में बालाजी मोबाइल शॉप का शटर काटकर कई नामी कंपनियों के करीब 43 स्मार्टफोन चोरी कर लिए।
सलीम चुराए गए मोबाइल को अपने साले इमरान और उसके साथी आरिफ के जरिये आधी कीमत में बिकवा रहा था। बरेली में ऐसा ही एक मोबाइल बिकने पर एएसपी अभिषेक वर्मा और अभिमन्यु मांगलिक ने जांच शुरू की तो नेटवर्क खुलता चला गया। पता लगा कि दौसा कोतवाली पुलिस भी अपने यहां दर्ज इस मामले के खुलासे के लिए भागदौड़ कर रही है। घटना के खुलासे पर एसएसपी ने दोनों एएसपी को प्रशस्ति पत्र देेने की घोषणा की। खुलासे के वक्त एसपी सिटी रविंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
लुधियाना के सरदार की भी तलाश
पुलिस को सलीम के साथ ही उसके लुधियाना निवासी साथी की तलाश है। आरोपियों ने बताया कि वह सरदार के तौर पर ही उसे जानते हैं। चोरी और लूट की वारदातों में सरदार सलीम के साथ रहता है। हाल ही में वह जेल से जमानत पर छूटा है। उन लोगों का काम केवल माल को ठिकाने लगाना होता है। चर्चा है कि कटरा के एक मोबाइल व्यापारी ने भी आधी से कम कीमत में कुछ मोबाइल खरीदे थे पर पुलिस ने उसे कार्रवाई से बाहर रखा है। हालांकि एसएसपी ने कहा कि जिसका भी नाम प्रकाश में आएगा, उसे जेल भेजा जाएगा।