इनाम दोगुना होते ही तावर अली पर कसा शिकंजा, बरेली में ही दर्ज हैं 17 मुकदमे
बरेली। छैमार गैंग के जिस बदमाश को तलाशने में बरेली पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जमीन आसमान एक कर दिया था, उसे लखनऊ की एसटीएफ ने पकड़ लिया। कार्रवाई कोतवाली पुलिस की मदद से कोतवाली इलाके में दिखाई गई। बरेली में ही तावर अली के खिलाफ 17 मुकदमे दर्ज हैं। वह खुद को शामली में कांस्टेबल बताता था। उसके पास से कांस्टेबल का नकली परिचय पत्र भी मिला। तमंचा कारतूस भी बरामद दिखाया है।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ के दरोगा मनोज पांडेय ने कोतवाली के दरोगा सिद्धांत शर्मा के साथ शनिवार तड़के पुरानी जेल रोड से छैमार गैंग के पचास हजार रुपये के इनामी बदमाश तावर अली को दबोच लिया। वह भुता थाने के गांव सिंघाई का निवासी है। तीन साल पहले अपने गैंग के साथ उसने बरेली में ताबड़तोड़ वारदातें की थीं। तब से उसके कई साथियों को पुलिस जेल भेज चुकी थी। तावर अली नहीं मिल रहा था। उस पर पहले 25 हजार का ईनाम था। 18 जनवरी को डीआईजी ने उस पर
50 हजार का ईनाम घोषित कर दिया।
दिन में भीख मांगकर करते थे रेकी.. रात को वारदात
एसएसपी ने बताया कि छैमार गैंग का बदमाश तावर अली और उसके साथी तंबू लगाकर रहते थे। इस गैंग ने बरेली के अलावा मुरादाबाद, शामली, मेरठ जैसे कई शहरों में वारदात की थीं। वर्ष 2017 व 2018 में यह खासे सक्रिय रहे। यह दिन में फेरी लगाकर या भीख मांगकर रेकी करते थे और रात में डकैती व लूट कर लेते थे। बाद में इन्होंने दायरा बढ़ाया और राजस्थान, महाराष्ट्र आदि प्रांतों में भी वारदातें की। तावर अली ने स्वीकारा कि 2010 में भी उसने सिविल लाइंस रामपुर में डकैती डाली थी और लाइसेंसी बंदूक भी लूट ली थी।
‘तावर अली पुराना शातिर है। लखनऊ एसटीएफ के सहयोग से उसे पकड़ा जा सका है। उस पर बरेली में ही 17 मामले लूट और डकैती की धाराओं में दर्ज हैं। दूसरे जिलों से भी रिकार्ड मंगाया जा रहा है।’
- शैलेश पांडेय, एसएसपी