दोहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार पर दर्ज कर दी जानलेवा हमले की रिपोर्ट, घर जाकर धमका रही पुलिस
फरीदपुर। दोहरे हत्याकांड में वरिष्ठ अफसरों को गुमराह करके वादी समेत चार लोगों पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट करा दी गई है। अब आरोप है कि हलका दरोगा ने पीड़ित पक्ष का जीना मुहाल कर दिया है। हालात ऐसे बना दिए हैं कि उन्हें पलायन करके खुद बचाना ही एक मात्र रास्ता दिखाई दे रहा है।
फरीदपुर के गांव घारमपुर निवासी नन्हें और उनकी भाभी अफसरिया की 18 नवंबर की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। करीब एक घंटे बाद हत्यारों की ओर से एक व्यक्ति सीएचसी पहुंचा। उसको डॉक्टरों ने बरेली रेफर कर दिया। हत्याकांड में नामजद सभी अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। नन्हें खां के बेटे शरीफ खां ने डीएम को पत्र देकर डॉक्टरी पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र देकर आशंका कहा है कि हत्याभियुक्तों की तरफ से उनको फंसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। तब अधिकारियों ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि उनके खिलाफ कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी। जबकि थाना फरीदपुर में 27 दिसंबर को मृतक के बेटे एवं मुकदमे के वादी शरीफ खां के अलावा मृतका अफसरिया के भाई समेत चार लोगों पर जानलेवा हमला, घर में घुसकर मारपीट और गालीगलौज की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। जिसकी विवेचना देवरनिया चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। पीड़ित शरीफ खां का कहना है कि जब हत्याकांड के बाद वह लोग पिता और चाची को लेकर परिजन इलाज के लिए सीएचसी चले गए तो लड़ाई और फायर कब हो गए, ये किसी की समझ नहीं आ रहा। बताया कि हल्का दरोगा रोज आकर उनके घर गालीगलौज कर गिरफ्तारी की धमकी देते हैं। गांव से पलायन करना ही अब उनके पास विकल्प बचा है।
पीड़ित परिवार को पलायन करने की जरूरत नहीं है। दूसरे पक्ष ने अगर तथ्य छुपाकर रिपोर्ट करा भी दी है तो उसकी कायदे से जांच करा ली जाएगी। चौकी प्रभारी पर आरोप हैं तो उसकी भूमिका की जांच कराई जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात