तीन लड़कियां और एक युवक भागे, पुलिस ने खारिज किए आरोप
महिला को घर भेजा, आरोपियों पर होगी शांतिभंग की कार्रवाई
बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में टेलीफोन एक्सचेंज वाली गली के एक घर में स्थानीय लोगों ने सेक्स रैकेट का शोर मचाकर एक महिला और दो युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, जबकि तीन लड़कियां और एक लड़का मौके से भाग गए। इस दौरान गली में भारी भीड़ जुटी रही और अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने जांच में आरोपों को सही नहीं माना, हालांकि पकड़े गए युवकों और महिला पर शांतिभंग की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
ग्रेटर आकाश निवासी एक बुजुर्ग ने शास्त्रीनगर स्थित अपना मकान करीब पंद्रह दिन पहले एक महिला को किराए पर दिया था। आरोप है कि महिला के वहां रहते ही अक्सर लड़के और लड़कियों का आना-जाना शुरू हो गया। इस पर गली वालों का माथा ठनका। सेक्स रैकेट के शक में गली वालों ने घेराबंदी शुरू की। शुक्रवार शाम तीन युवक आए। कुछ लोग पहले से घर में थे। रात आठ बजे स्थानीय लोगों ने यूपी-112 पर कॉल कर दी। कई लोगों की भीड़ जब मकान के बाहरी हिस्से में जमा होने लगी तो अंदर मौजूद लोगों को शक हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले दो लड़कियां निकलकर तेजी से चली गईं। फिर एक लड़का और लड़की निकले। इसके बाद दो युवक और किराए पर कमरा लेने वाली महिला ने भागने की कोशिश की तो लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। भीड़ ने युवकों की धुनाई कर दी। इस बीच यूपी-112 पुलिस भी आ गई। सूचना पर अशरफ खां चौकी प्रभारी उमेश कुमार पहुंचे और महिला को लेकर चौकी चले गए।
देर रात पुलिस ने पूछताछ के बाद सुर्खा बानखाना से महिला के बच्चों को बुलाया। पता लगा कि महिला हिंदू थी और 20 साल पहले धर्म बदलकर मुस्लिम से निकाह कर लिया। उसके छह बच्चे हैं। इनमें से दो बेटियों समेत तीन चौकी आ गए। इन्होंने बताया कि उनके पिता किच्छा में काम करते हैं। मां से उनकी अनबन हो गई है। पंद्रह दिन से मां उस मकान में रहने वाली मौसी के घर ही कमरा लेकर रह रही है। पुलिस को महिला ने बताया कि पकड़े गए दो लोग उसके बहनोई के दोस्त हैं जो बदायूं से थोड़ी देर पहले ही आए थे। चूंकि उसके घर में मुस्लिम लोगों का आनाजाना रहता है, इसलिए गली के लोगों को बुरा लगता है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह ने बताया कि छानबीन में सेक्स रैकेट जैसी कोई बात सामने नहीं आई। फिर भी महिला और इन लोगों की वजह से गली का माहौल खराब हुआ है। लिहाजा इनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की जाएगी। महिला को उसके परिवार की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
लोगों में दिखा गुस्सा, पुलिस से हुई तकरार
गली निवासी पढ़े-लिखे और कामकाजी लोग खासे नाराज थे। पुलिस को भी उनके गुस्से का सामना करना पड़ा। दरोगा उमेश यादव जब गली में पहुंचे तो लोगों की भीड़ महिला को घेरे खड़ी थी। सभी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। दरोगा ने लोगों को शांत करना चाहा तो वे उलझने लगे। मकान मालिक को भी भीड़ ने घेर रखा था। वह समझा रहे थे कि आप लोगों ने उन्हें पहले कुछ बताया होता तो वह पहले ही महिला को घर से निकाल देते। यहां रिश्तेदारी में आए व्यापार मंडल उपाध्यक्ष योगेश सक्सेना ने लोगों को समझाकर महिला को पुलिस के सुपुर्द कराया।
महिला ने रुद्रपुर तो युवकों ने बदायूं का निवासी बताया
- स्थानीय लोगों ने जब पुलिस को आरोपी सौंपे तो उनके नाम-पते पूछे गए। महिला कभी खुद को सुर्खा बानखाना तो कभी रुद्रपुर का निवासी बता रही थी। दोनों युवकों ने कहा कि वह बदायूं के रहने वाले हैं, लेकिन पूरा पता बताने से झिझक रहे थे। कह रहे थे कि महिला परिचित है इसलिए मिलने आए थे। सेक्स रैकेट वाली बात सही नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये लोग एक सेंट्रो कार से आए थे जो पास की गली में खड़ी है, लेकिन पुलिस को कार नहीं मिली।
पॉश कॉलोनियों में चल रहा जिस्मफरोशी का धंधा
- शहर की पॉश कॉलोनियों में जिस्म फरोशी का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। पिछले महीने इज्जतनगर की सनसिटी विस्तार कॉलोनी में दो बार छापा मारकर पुलिस ने किराये के मकान में चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। तब डिश संचालक गोविंदा बदायूं की एक महिला की मदद से रैकेट चलाता पकड़ा गया था। इज्जतनगर में ही मॉल के पास दो महीने पहले स्पॉ सेंटर पकड़ा गया था।