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हरियाली के बेजा ऑपरेशन पर डॉक्टर भरेंगे एक लाख का जुर्माना

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वन विभाग से छंटाई की परमीशन लेकर तने से साफ कर दिया था 50 साल पुराना पाकड़ का पेड़
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तीन दिन में जुर्माना अदा न किया तो वन विभाग दर्ज कराएगा मुकदमा
बरेली। मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के सामने बरसों पुराने विशाल पाकड़ के पेड़ को काटने के मामले में वन विभाग ने डॉक्टर पर एक लाख का जुर्माना लगाया है। तीन दिन में जुर्माना अदा न करने पर डॉक्टर के खिलाफ कोर्ट में फॉरेस्ट एक्ट के तहत मुकदमा चलाए जाने की चेतावनी दी है।
पिछले दिनों अमर उजाला ने ‘पचास साल पुराना पाकड़ का पेड़ कटवा डाला.. साहब कहते हैं शहर हरा भरा करेंगे’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर वन विभाग के अफसर हरकत में आए और टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काटे गए गए पेड़ की लकड़ी कब्जे मेें ले ली। डॉक्टर के खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट के विभागीय मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही, छंटाई की परमिशन लेकर पेड़ काटने के मामले में जवाब तलब किया था। रेंजर सुनील दीक्षित ने बताया कि डॉक्टर की ओर से भेजा गया जवाब संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शहर से बाहर होने के कारण मामले की जानकारी न होने का जवाब दिया है, जो संदिग्ध है। मामले में अब वन विभाग ने डॉक्टर को एक लाख रुपये जुर्माने का नोटिस दिया है। रेंजर ने बताया कि डॉक्टर ने अगर जुर्माना राशि अदा नहीं की तो उनके खिलाफ कोर्ट में केस चलाया जाएगा।
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30 सेंटीमीटर छंटाई का था आदेश
पाकड़ का पेड़ डॉक्टर के हॉस्पिटल के सामने बरसों से राहगीरों और पशु पक्षियों का आश्रय स्थल था। डॉक्टर के मुताबिक पेड़ पुराना होने से उसकी जड़ों में सांप और बिच्छू रहते थे जिनसे तीमारदार और मरीजों को खतरा था और पेड़ की टहनियां गिरने से उनकी कार भी खराब हो रही थी। इसी कारण उन्होंने पेड़ काटने की परमिशन मांगी थी लेकिन वन विभाग ने हरेभरे पेड़ को काटने के बजाय नियमानुसार 30 सेंटीमीटर यानी एक फीट तक छंटाई की परमिशन दी थी। करीब 22 दिन पहले डॉक्टर ने पूरा पेड़ कटवा दिया था।
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