फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्षद से परिवार की मारपीट पर एसओ के तांडव से सहमे मढ़ीनाथ के लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
मारपीट और हवाई फायरिंग के बाद सुभाषनगर थाने में भी किया हंगामा, बाद में हो गया फैसला
विज्ञापन

बरेली। मढ़ीनाथ इलाके में पाइप लाइन बिछाने के लिए हो रही खुदाई का विरोध करने पर स्थानीय पार्षद की कुछ लोगों से मारपीट हो गई। ये लोग जिले के एक थाने के एसओ के परिवार के थे। लिहाजा खबर मिलते ही एसओ थाने की जीप में फोर्स लेकर शहर आ गए और हंगामा कर दिया। इस दौरान मारपीट के साथ हवाई फायरिंग भी की गई। एसओ का तांडव देख मोहल्ले के लोग भी सहम गए। बाद में दोनों पक्ष सुभाषनगर थाने पहुंच गए। एसओ ने वहां भी जमकर हंगामा किया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
शहर से सटे देहात के एक थाने के प्रभारी ने मढ़ीनाथ में अपना घर बना रखा है। यहां वाटर पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा है। बताते हैं कि कई लोग अपने घर के सामने खुदाई का विरोध कर रहे हैं। सोमवार दोपहर जब काम रोका गया तो ठेकेदार के लोगों ने स्थानीय पार्षद से शिकायत की। पार्षद ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की तभी एसओ के परिवार के लोग पहुंच गए और खुदाई का विरोध करने लगे। इससे झगड़ा बढ़ गया। बताते हैं कि इन लोगों ने पार्षद की पिटाई कर दी। बाद में पार्षद पक्ष के लोग जुटे तो फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। हवाई फायरिंग भी की गई। इसी बीच एसओ भी अपने थाने की पुलिस लेकर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने साहब के सामने अपने नंबर बढ़ाने के चक्कर में खूब गदर काटा। इससे सहमे पार्षद पक्ष के लोग रिपोर्ट दर्ज कराने सुभाषनगर थाने पहुंच गए। बाद में एसओ भी थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। खुद मुंशी रूम में कंप्यूटर के पास जाकर बैठ गए। करीब एक घंटे थाने में अफरातफरी का माहौल रहा। बाद में कुछ लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। घटना के बाद से एसओ ने कॉल रिसीव करनी बंद कर दी। वहीं, पार्षद काफी मायूस थे। उनका कहना था कि उन्हें बस्ती में बेहतर काम कराने का यह इनाम मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्षद के रिश्तेदारों के घर के पास ही एसओ के परिजन रहते हैं। दोनों में पाइप लाइन बिछाने की बात को लेकर विवाद हुआ था। मामूली कहासुनी हुई। बाद में दोनों ही पक्ष थाने आए और समझौता लिखकर दे गए। अब वे लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। - हरिश्चंद्र जोशी, इंस्पेक्टर, सुभाषनगर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें