ढाई साल से भतीजी की ननद से चल रहा था ट्रक ड्राइवर का प्रेमप्रसंग
ऑनरकिलिंग का भी शोर, लेकिन न पुलिस मान रही और न परिजन
देवरनिया/भोजीपुरा। घर वालों ने मिलने पर पाबंदी लगाई तो ट्रक ड्राइवर और उसकी प्रेमिका ने जहर खाकर जान दे दी। रविवार शाम ट्रक ड्राइवर प्रेमिका के घर पहुंचा। वहीं दोनों ने जहर खा लिया। अस्पताल में दोनों की मौत हो गई। ट्रक ड्राइवर शादीशुदा और दो बच्चों का पिता था। उसका भतीजी की ननद से ढाई साल से प्रेमप्रसंग चल रहा था। परिवार पहले एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे, लेकिन बाद में घटना पर चुप्पी साध ली। ऑनरकिलिंग का भी शोर मचा, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
देवरनिया के एक गांव की 20 वर्षीय युवती का प्रेमप्रसंग अपनी भाभी के सगे चाचा शाही क्षेत्र के 25 वर्षीय ट्रक ड्राइवर से चल रहा था। ढाई साल से दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना था। फोन पर भी उनकी बात होती थी। रविवार शाम ड्राइवर अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर आया था, उस समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। रात में लड़की का टेंपो ड्राइवर पिता घर लौटा तो ट्रक ड्राइवर बेसुध हालत में मिला। इस पर वह टेंपो से उसे उसके घर छोड़ आया। घर लौटा तो बेटी की हालत भी गंभीर थी। उसे भोजीपुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, ड्राइवर को भी उसके परिवार वालों ने इसी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सुबह पहले लड़की और फिर उसके प्रेमी ने दम तोड़ दिया।
सुबह सात बजे लड़की के परिवार ने देवरनिया पुलिस को बेटी के जहर खाने की सूचना दी। इंस्पेक्टर दयाशंकर और सीओ बहेड़ी रामानंद राय मौके पर पहुंचे। दोपहर में एसपी देहात संसार सिंह ने भी मुआयना किया। गांव में चर्चा थी कि प्रेमी युगल को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर लड़की के परिवार ने ही मार दिया है। हालांकि पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि न हो सकी। दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें जहर से मौत के संकेत मिलने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। दोनों के शव पर मारपीट या चोट के निशान नहीं मिले।
प्रेमी शादीशुदा था। लड़की उसकी सगी भतीजी की ननद थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन यह संभव नहीं हो पा रहा था। शायद अवसाद में दोनों ने जहर खाकर जान दे दी। किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं आई है। ऑनरकिलिंग जैसा भी कुछ नहीं है। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात