अयोध्या मामले में फैसले से पहले पुलिस ने होमवर्क शुरू कर दिया है। जलसों में भड़काऊ तकरीरों व बयानबाजी पर सबसे ज्यादा नजर है। नए किरायेदारों व संदिग्धों को लेकर भी सजगता बरती जा रही है। इसके लिए मुनादी शुरू कराई गई है।
फैसले से पहले पुलिस प्रशासन खासा चौकस है। इसके लिए अफसर मीटिंगों से लेकर गलियों में घूमकर लोगों से संपर्क करने तक का काम कर रहे हैं। वारावफात जलसों व उर्स जैसे अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए हर थाने पर एक वीडियोग्राफी टीम बनाई गई है।
टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वह भाषणबाजी के दौरान पूरे वक्त कार्यक्रम में मौजूद रहें। देश या समाज विरोधी कोई टिप्पणी हो तो उसे रिकॉर्ड करें ताकि रिपोर्ट के बाद विवेचना में साक्ष्य के तौर पर इसका प्रयोग कर दोषियों पर चार्जशीट ठोंकी जा सके। एसएसपी ने आयोजकों और अंजुमनों के सदर को साफ निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों में भड़काऊ बयानबाजी हुई तो कार्रवाई होगी।
पुलिस ने वाहनों से मुनादी करानी भी शुरू कर दी है। संदिग्ध लोगों व उनकी हरकतों के बारे में पुलिस को गोपनीय सूचना देने का आह्वान किया जा रहा है। हाल के दिनों में कोई नया व्यक्ति बस्ती में आने या उसकी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने को लोगों से कहा जा रहा है। साथ ही नए किरायेदारों को बिना सत्यापन न रखने की सलाह दी जा रही है।
अफसरों ने कहा सौहार्द से रहें वरना होगी कार्रवाई
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय और एसपी सिटी रवींद्र कुमार ने बुधवार को इज्जतनगर थाने में बैठक कर लोगों से सौहार्द बनाने का आह्वान किया। थाने में सभी वर्गों के लोगों को बुलाया गया था। यहां उन्हें बताया गया कि फैसला कोई भी आए, लोग उसका सम्मान करें। अपना भाईचारा कायम रखें और गलत लोगों के बारे में पुलिस को सूचना दें। कहा कि नई परंपरा न पड़े।
शांति व्यवस्था बनाए रखना सभासदों और प्रधानों की भी जिम्मेदारी होगी। जहां गड़गड़ी मिली वहां सख्ती से कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर संदेशों को आगे बढ़ाने से पहले जांच परख लें। बाद में एसएसपी ने कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में हुई शांति समिति की बैठक में हिस्सा लिया। अफसरों ने व्यवस्था की है कि शांति समिति की किसी बैठक में नए लोग ही बुलाए जाएं। एक वर्ग के लोग कम आ रहे हैं, इनकी संख्या बढ़ाने पर भी मंथन हो रहा है। नकटिया चौकी में सीओ सिटी अशोक कुमार ने लोगों को सौहार्द का पाठ पढ़ाया।
अंजुमन जुलूसों पर भी नजर
किला क्षेत्र में 57 और बारादरी थाना क्षेत्र में 79 अंजुमन जुलूस निकाले जाने हैं। कुछ जुलूस नौ नवंबर से शुरू होंगे तो बाकी दस को ही निकाले जाएंगे। अयोध्या मामले के फैसले और शहर में चल रहे उर्स शहाफती के अलावा वारावफात को लेकर भी पुलिस की टेंशन बनी हुई है। सभी अंजुमन के सदर को नियम कायदे बता दिए गए हैं। इसके ठीक बाद गंगास्नान निपटाना है।
बरेली से अयोध्या भेजा गया फोर्स और दंगा नियंत्रण का साजो सामान
बरेली। फैसले को लेकर अयोध्या में संभावित तनाव की स्थिति के मद्देनजर पुलिस बल का भारी इंतजाम किया जा रहा है। बरेली से भी दरोगा, सिपाही समेत करीब 47 लोगों का स्टाफ अयोध्या भेजा गया है। साथ ही दंगा नियंत्रण का साजो सामान जैसे बॉडी प्रोटेक्टर, आंसू गैस के गोले आदि भी भेजे गए हैं।
अयोध्या प्रकरण में फैसला कभी भी आ सकता है। इसे लेकर जहां रामनगरी का पारा चढ़ा हुआ है, वहीं प्रदेश भर में अलर्ट जारी कर पुलिस बेहतर माहौल बनाने की कवायद में जुटी है। इसी के तहत डीजीपी मुख्यालय से मिले निर्देश पर बरेली से भी फोर्स अयोध्या भेजा गया है। जिले के थानों के अलावा पुलिस लाइन का स्टाफ भी इसमें शामिल है। इनमें नौ दरोगा, आठ हेड कांस्टेबल और 30 कांस्टेबल शामिल हैं।
इन्हें दो बार में अयोध्या भेजा गया है। पहले चरण में पुलिस फोर्स ऐसे ही चला गया था। बाद में इन्हें दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ भेजने के निर्देश हुए। तब लाइन से ही गाड़ी भेजकर बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, डंडे, आंसू गैस के गोले आदि सामान मुहैया कराया गया। अयोध्या गए पुलिस फोर्स में ट्रैफिक पुलिस का भी एक हेड और चार जवान शामिल हैं। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फोर्स और संसाधन भेजे गए हैं।