बरेली। बर्खास्त स्टाफ नर्स ने बिथरी चैनपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा पर शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बर्खास्त स्टाफ नर्स ने इस बाबत कोर्ट में अर्जी दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की है।
सीएचसी बिथरी चैनपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मयंक मिश्रा ने बारादरी थाने में बर्खास्त स्टाफ नर्स, उसकी मां और एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर अजहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डॉक्टर का आरोप है कि तीनों ने उनसे 25 लाख रुपये की रंगदारी के साथ बरेली में एक मकान दिलाने की मांग की। मंगलवार को बर्खास्त स्टाफ ने डॉक्टर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। उसका कहना है कि डॉ. मयंक मिश्रा पहले से शादीशुदा थे, लेकिन उन्होंने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का झांसा दिया और डेढ़ साल तक दुष्कर्म किया। बाद में शादी से इंकार कर दिया। मंगलवार को डॉक्टर ने घर में घुसकर हमला कर दिया। उसने इस मामले में 25 और 26 अक्तूबर को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मजबूरन उसने धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में अर्जी दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।