बरेली। दरगाह से जुड़े बताए जा रहे नात ख्वाह सैयद कैफी और दिल्ली हाईकोर्ट के वकील नावेद को हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के हत्यारों की मदद करने में पकड़ा गया है। इन पर खुफिया एजेंसियों की पहले से नजर थी, लेकिन हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाईं। लखनऊ से निर्देश के बाद ही इन्हें पकड़ा गया। ऐसे ही कई और भी स्लीपिंग मॉड्यूल खुफिया एजेंसियों की निगाह में हैं। जांच भी अब तेजी से की जा रही है। एडीजी ने भी पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इनपुट साझा कर निगरानी और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आतंकी घटनाओं और आईएसआई एजेंटों की गतिविधियों को लेकर बरेली का नाम पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। पहाड़ों की ओर जाने वाले रास्ते पर आखिरी मैदानी शहर और नेपाल से नजदीक होने की वजह से बरेली शातिरों के लिए छिपकर अपना मिशन पूरा करने का पसंदीदा स्थान रहा है। वर्ष 2015 में मेरठ से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट परवेज उर्फ एजाज से बरेली कैंट और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के नक्शे मिले थे। पता लगा कि वह काफी समय तक प्रेमनगर के शाहबाद इलाके में किराये पर रहा। पिथौरागढ़ से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट रमेश सिंह ने भी बरेली में रहकर सैन्य ठिकानों की रेकी की थी। गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड एटीएस उसे बरेली लाई थी। अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले में बरेली निवासी चांद की भूमिका सवालों में आई थी, हालांकि जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमले में बहेड़ी के शख्स को गिरफ्तार किया गया था। यहां तक कि बंगलुरू में हुई आतंकी वारदात में शीशगढ़ के इरफान बंजारा का नाम आया था। उसे कर्नाटक पुलिस पकड़ ले गई। बहेड़ी के जोखनपुर गांव के खालिद का नाम कानपुर ब्लास्ट में आया था। ऐसे ही कई और नाम हैं जिनकी वजह से वक्त बेवक्त बरेली चर्चा में रहा। कुछ साल पहले दरगाह के पास किराये पर अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी की गिरफ्तारी एक महिला की शिकायत पर हुई थी। बाद में इस बांग्लादेशी को विदेश मंत्रालय के माध्यम से उसके देश पहुंचाया गया था।
स्टेशन को बम से उड़ाने की दी थी धमकी
- पिछली साल नौ अक्तूबर को देश के बीस रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, इनमें बरेली का नाम भी शामिल था। इस साल भी तीन माह पहले बरेली जंक्शन के अधीक्षक को ऐसा ही पत्र मिला था, जिसमें कांवड़ यात्रा अल्पसंख्यक बस्तियों से निकालने पर जंक्शन को उड़ाने की चेतावनी दी गई। पत्र भेजने वाले ने खुद को एक आतंकी संगठन का बरेली एरिया कमांडर बताया था।
सोशल मीडिया पर जहर उगल रहे युवा भी निशाने पर
- एटीएस और अन्य एजेंसियों के निशाने पर अब सोशल मीडिया पर सरकार और सिस्टम के खिलाफ जहर उगल रहे युवा भी हैं। शुक्रवार को शहर के ही एक युवक को ऐसी ही टिप्पणी के मामले में भोजीपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कमलेश तिवारी हत्याकांड में पकड़े गए दिल्ली हाईकोर्ट के वकील नावेद के फेसबुक अकाउंट पर भी पीएम मोदी पर कटाक्ष हैं। उसके परिचित पीलीभीत के पूरनपुर निवासी एक युवा नेता के फेसबुक पेज पर भी पीएम और सरकार को गालियों की भरमार है। इसने तो कश्मीर को लेकर हथियार उठाने तक का आह्वान किया है। जल्दी ही साक्ष्य जुटाकर ऐसे लोगों को दबोचा जा सकता है।
आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों और उनके मददगार स्लीपर सेल पर एटीएस तथा अन्य एजेंसियां पूरी निगरानी रख रही हैं। पुलिस को भी अपने क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखने को कहा गया है। देश और व्यवस्था विरोधी हरकत तथा बयान देने वालों पर भी नजर है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - अविनाश चंद्र, एडीजी बरेली जोन