बरेली। रुपयों के लेेनदेन के चलते ग्रीन पार्क गेट से स्कूल वैन में एक युवक का अपहरण करने के बाद भुता क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए छात्रों के परिजन बृहस्पतिवार को कार्रवाई का विरोध करने एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उनके मुताबिक नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे गए रुपये लौटाने के झांसा देकर युवक अपनी मर्जी से छात्रों को लेकर गया था। फिर उन्हें फंसाने के लिए बेटे से अपहरण की शिकायत करा दी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। एसएसपी ने शिकायत पर थाना पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
ग्रीन पार्क निवासी आशीष ने मंगलवार सुबह पुलिस को अपने पिता वीरेंद्रनाथ सिंह के अपहरण की सूचना दी थी। पुलिस ने वीरेंद्र के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें भुता क्षेत्र के लईया गांव स्थित एक भाजपा नेता के फार्म हाउस से बरामद कर निजी स्कूल के चपरासी अनिल समेत चार छात्रों को गिरफ्तार किया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को छात्रों के परिजन एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय से मिले। परिजनों के मुताबिक वीरेेंद्र नौकरी लगवाने के नाम पर अनिल और अनुराग के करीब 3,51,000 रुपये हड़प कर फरार हो गया था। मंगलवार को ग्रीन पार्क गेट पर मिला तो छात्रों ने रुपये लौटाने की बात कही। इस पर वीरेंद्र ने ही उन्हें गाड़ी मंगवाने और भुता चलकर भाजपा नेता से रुपये लेकर लौटाने की बात कही थी। इसी बीच उसने बेटे को फोन किया और साजिशन अपहरण की शिकायत करा दी। वीरेंद्र के खिलाफ कई थानों में धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हैं। यह पहले जेल भी जा चुका है।
सेटिंग तो हो गई थी लेकिन अफसरों ने लगा दिया पलीता
अपहरण जैसे गंभीर मामले में भी बारादरी पुलिस सेटिंग करने से बाज नहीं आई। अगवा किए गए युवक के साथ रंगेहाथों पकड़े जाने के बावजूद पहले तो पुलिस ने रिपोर्ट में आरोपियों के नाम शामिल नहीं कराए, फिर उन्हें छोड़ने के नाम पर उनसे उगाई करने में लग गई। नामजद अनिल के अवाला बाकी चार आरोपी अनुराग, मोहित, रोहित और एक अन्य को छोड़ने के लिए सौदा हुआ। रुपये बुधवार शाम को पुलिस के हाथों में भी पहुंच गए। लेकिन अफसरों ने पूरी सेटिंग पर पलीता लगा दिया। एक अधिकारी का फोन आने पर बारादरी पुलिस आरोपियों को जेल भेजने पर मजबूर हो गई। रात में ही घर वालों को बुलाकर पुलिस ने रुपये वापस कर दिया। इससे पहले भी बारादरी पुलिस पर रुपये लेकर आरोपियों को छोड़ने के आरोप लग चुके हैं।