बरेली। फरीदपुर के छात्र साहिल की हत्या का एसएसपी ने बुधवार को खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल भिजवा दिया। साहिल की हत्या की वजह भी बेहद मामूली निकली। नशे में धुत सड़क पर खड़े आरोपियों ने साइकिल टकराने के बाद हुए झगड़े में उसकी निर्ममता से हत्या कर दी। वहीं, यह भी सामने आया कि हत्या के एक आरोपी को सप्ताह भर पहले ही पुलिस ने बाइक चोरी में पकड़ा था लेकिन जेल नहीं भेजा। लोगों का कहना है कि अगर वह जेल चला जाता तो शायद साहिल की जान बच जाती।
गौसगंज सराय निवासी सातवीं के छात्र 13 वर्षीय साहिल की शनिवार रात सेंट मैरीज स्कूल के पीछे हत्या कर दी गई थी। साहिल स्कूल के बाद कपड़े की दुकान पर काम करके साइकिल से घर जा रहा था। उसकी साइकिल सड़क पर और शव अंदर झाड़ियों में मिला था। कपड़े अस्तव्यस्त थे। पोस्टमार्टम में गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई। घटना के खुलासे में एसपी देहात और एसपी क्राइम समेत कई थानों की पुलिस लगी थी। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बुधवार को फरीदपुर के ही मिर्धान मोहल्ला निवासी शुभम और वाहिद को बतौर आरोपी मीडिया के सामने पेश किया। बताया, घटना की रात दोनों स्कूल से आगे पुलिया के पास नशे की हालत में खड़े थे। साहिल की साइकिल का पहिया इनके पैर पर चढ़ा तो इन्होंने उसे पीटना शुरू कर दिया। साहिल ने गालीगलौज कर विरोध किया तो आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसके आईकार्ड की डोरी से भी उसका गला कसा। आरोपी उसका टूटा हुआ मोबाइल लेकर फरार हो गए थे जो बरामद कर लिया गया है।
सप्ताह भर पहले जुगाड़ से छूटा था वाहिद
शुभम पर हत्या और वाहिद पर चोरी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। बताया जाता है कि वाहिद को सप्ताह भर पहले ही फरीदपुर पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। पुलिस उसके अन्य साथियों को पकड़कर गुडवर्क करने के मूड में थी। इस बीच वाहिद ने किसी मध्यस्थ के सहारे बाइक मालिक को खबर कराई कि उसकी बाइक फरीदपुर थाने में खड़ी है। मालिक ने कोर्ट में अर्जी देकर थाने से अपनी बाइक दिलाने को कहा। इस पर पुलिस ने बाइक उसके मालिक को सौंप दी। साथ ही वाहिद को भी सांठगांठ कर छोड़ दिया। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस वाहिद को बाइक चोरी में जेल भेज देती तो शायद साहिल की जान बच जाती।