बरेली। हाजिरी लगाने शाहदाना वली की दरगाह पहुंची एक युवती का वहां मौजूद एक महिला दरगाह कमेटी के सदस्य व अन्य लोगों के साथ वीडियो बनाने लगी। युवती और उनके भाई ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उन्हें पीटकर दरगाह से भगा दिया। पीड़ित शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एडीजी से शिकायत की तो उनके आदेश पर बारादरी थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इससे पहले भी दरगाह से एक किशोरी का अपहरण कर उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा था।
बारादरी क्षेत्र के चक महमूद निवासी नाजिश अपने भाई शारिक के साथ 11 सितंबर को शाहदाना वली की दरगाह में हाजिरी लगाने पहुंची थी। बताया कि वहां बैठते वक्त उनकी नजर किनारे खड़ी एक अंजान महिला, गुलाबनगर निवासी मुन्ना, दरगाह कमेटी का सदस्य शानू पहलवान, उसका भांजा व चार अज्ञात लोगों पर पड़ी जो फोन से उनकी वीडियो बना रहा था। उनके मुताबिक भाई से शिकायत करने पर उसने विरोध किया तो दबंग गालीगलौज करने लगे। आरोप है वीडियो डिलीट करने को कहा तो दबंगों ने उन दोनों को पीटा और दरगाह के बाहर निकाल दिया। शिकायत लेकर वह थाने पहुंचे तो पुलिस ने दरगाह का नाम सुनकर कोई कार्रवाई नहीं की। शारिक ने अपनी बहन का अपहरण होने की भी आशंका जताई है।
कुछ समय पहले आजमनगर के एक घर में मिली एक किशोरी ने दरगाह से ही उसका अपहरण किए जाने का आरोप लगाया था। किशोरी के पिता ने चार युवकों के खिलाफ बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुतवल्ली बोले ने वादी को ही गलत बताया
दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद ने बताया कि वीडियो बनाने को लेकर करीब एक महीने पहले मारपीट हुई थी। एक महिला ने युवती का वीडियो बनाया था। शिकायत मिलने पर उससे वीडियो डिलीट करने की बात भी हुई थी। लेकिन शारिक ने फोन छीनकर वीडियो डिलीट नहीं होने दी। जब इसका विरोध वहां मौजूद लोगों ने जताया तो शारिक ने मारपीट की थी। पीड़िता शारिक की बहन भी नहीं है। वह खुद दरगाह में आकर आपत्तिजनक ह रकतें करता है। उसके साथ कोई रोकटोक न करे, इसलिए उसने दबाव बनाने को रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी कमेटी के सदस्य भी नहीं हैं।