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जब लुटेरे हाथ आ गए तब लिखी मोबाइल लूट की रिपोर्ट

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बरेली। शहर में मोबाइल चोरी और छिनैती की लगातार बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस का रिपोर्ट न लिखना लोगों को खलता है। दिखावे को पुलिस अनायास हाथ आए एक-दो मोबाइल लुटेरों के खिलाफ कार्रवाई भी करती है। गुरुवार को पुलिस ने दो मोबाइल लुटेरों को जेल भेजा। इससे पहले इनके पास से मोबाइल बरामद कर चार दिन पुरानी मोबाइल लूट की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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गाजीपुर जिले की सदर कोतवाली के गांव चक अब्दुल सत्तार निवासी उमेश यादव दवाइयों का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर की रात नौ बजे वह आनंद विहार कॉलोनी में सेंट फ्रांसिस्को स्कूल के पास मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी बाइक सवार दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया और स्कूल की ओर भाग निकले। उमेश की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने बुधवार को तब रिपोर्ट दर्ज की जब लुटेरे हाथ लग गए। बुधवार रात पुलिस ने गुडवर्क दिखाया कि संजयनगर श्मशान भूमि के पास से दो लुटेरों को पकड़कर उनसे उमेश के मोबाइल की बरामदगी कर ली गई। इनमें से एक बजरंग ढाबे के पास रहने वाला शिवम और दूसरा हजियापुर का कृष्णा है। शिवम रुहेलखंड विश्वविद्यालय का ठेका सफाईकर्मी है।

सफाई कर्मी शिवम को विवि स्टाफ ने ही सौंपा
मोबाइल लूट में पकड़े बताए जा रहे शिवम ने ही रुहेलखंड विवि परिसर के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग में घुसकर कुछ दिन पहले विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एके जेटली का लैपटॉप और परिसर से कुछ टोंटियां चोरी की थीं। विवि के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा ने सीसीटीवी फुटेज से जांच की तो पाया कि सफाई कर्मी शिवम और विष्णु ने यह चोरी की है। ये लोग सफाई के बहाने प्रोफेसर जेटली के रूम की चाबी लेकर गए थे। शर्मा के मुताबिक बुधवार को उन्हीं ने शिवम को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इससे पुलिस के गुडवर्क पर सवालिया निशान भी लग गया है।
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