बरेली। सोमवार सुबह महिला के अपहरण का शोर मचा तो जिले भर को सील कर चेकिंग कराई गई। पति ने अपने विरोधी के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी। महिला की बरामदगी के बाद पुलिस ने छानबीन की तो पूरा मामला फर्जी निकला। सीसीटीवी फुटेज से साक्ष्य मिले कि महिला पति की बाइक पर ही मिनी बाईपास पर पहुंची और वहीं सड़क किनारे लेटकर बेहोशी का ड्रामा किया। यह नाटक खुलने के बाद बिथरी पुलिस ने पति को एक पुराने मामले में जेल भेज दिया है। पत्नी को भी गिरफ्तार किया जाएगा। कोतवाली में उनकी ओर से दर्ज रिपोर्ट को खारिज किया जाएगा।
सोमवार सुबह यूपी 100 को सूचना मिली थी कि मुख्य डाकघर से सफेद कार में महिला को अगवा कर लिया है। एसएसपी ने जिले की सीमाएं सील कर चेकिंग कराई। नवाबगंज विधायक तक की गाड़ी चेक की गई। पता लगा कि बिथरी के पदारथपुर निवासी और फिलहाल गौंटिया में रह रही नाजरा को अगवा किया गया है जो 12 साल के बेटे समीर के साथ डाकघर में बेटी का आधार कार्ड सही कराने आई थी। पति फुरकत आया, उसने बताया कि वह दूसरे बेटे को पहुंचाने कासगंज के सोरों स्थित मदरसे में गया था। बाद में नाजरा मिनी बाईपास पर निर्मल रिसोर्ट के पास मिल गई। शाम तक उसकी बेहोशी नहीं टूटी। हालांकि डॉक्टरों को चेकअप में कोई खास बीमारी नहीं मिली थी। पत्नी से मिलने के बाद फुरकत ने पदारथपुर के हनीफ व तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण की कोशिश में रिपोर्ट करा दी।
एसपी सिटी की मॉनीटरिंग में चल रही जांच में मंगलवार को और चौंकाने वाली बातें सामने आईं। इसमें डाकघर से महिला को कार में ले जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला तो मिनी बाईपास पर वही कपड़े पहने हुए पति बाइक से महिला को लाते हुए दिखा। महिला वहीं लेट गई और बेहोशी का ड्रामा किया। पति वहां से बाइक लेकर चला गया और बाद में पुलिस के साथ खुद पत्नी को खोजने लगा। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि रिपोर्ट खारिज कर अब कोतवाली पुलिस दंपती को जेल भेजेगी। वहीं, बिथरी पुलिस ने फुरकत के खिलाफ अपने यहां दर्ज आंख फोड़ने के मामले में उसे जेल भेज दिया।