बरेली। बूढ़ी होने के बाद गाय की उपयोगिता खत्म हुई तो एक डेयरी संचालक ने उसे बेहाल अवस्था में डेयरी के बाहर छोड़ दिया। इतना ही नहीं गाय को मारने के लिए उस पर चूना भी डाल दिया। इसकी सूचना पशु कल्याण विभाग तक पहुंची तो टीम ने गाय को गौशाला पहुंचाकर इलाज शुरू कराया। लेकिन उसे बचा नहीं सके। पशु कल्याण अधिकारी ने इज्जतनगर थाने में डेयरी संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इज्जतनगर क्षेत्र निवासी एक डेयरी संचालक प्रमोद यादव ने अपनी एक गाय बूढ़ी होने के बाद उसे बेहाल छोड़ दिया था। पशु कल्याण विभाग की टीम के मुताबिक उनको सूचना गाय के बेहाल अवस्था में डेयरी के बाहर ही पड़े होने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालक पशुओं पर काफी अत्याचार करता है। ज्यादा दूध के लिए उन्हें ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन भी लगाता है। टीम के एक सदस्य ने बताया कि डेयरी संचालक ने गाय को जल्दी मारने के लिए उस पर चूना तक डाल दिया था। चूने से गाय की चर्बी कई जगह से कट गई थी। सूचना पर उन्होंने जिला पशु कल्याण अधिकारी शालिनी अरोड़ा के रिठौरा स्थित चिकित्सालय में भर्ती कराकर इलाज किया। लेकिन दस ही दिन के भीतर उसकी मौत हो गई। टीम की काम की सूचना डेयरी संचालक तक पहुंची तो वह उन्हें धमकाने लगा। टीम के पीछे चार लोग लगाकर मारपीट भी कराई। टीम ने फिर थाने पहुंचकर इसकी शिकायत की।