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अयान हत्याकांड: परिवार को चाहिए सीबीआई जांच या फिर इच्छा मृत्यु

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बरेली। बारादरी थाने के चर्चित अयान अपहरण व हत्याकांड में विवेचकों की सुस्ती और नार्को टेस्ट की कवायद लटकने से पीड़ित परिवार निराश है। इस मामले में अयान के पिता ने एसएसपी को पत्र देकर परिवार को इच्छामृत्यु देने या सीबीआई जांच कराने की मांग की है। कहा कि आरोपी खुले घूम रहे हैं और पुलिस से उन्हें कार्रवाई की खास उम्मीद नहीं रह गई है। एसएसपी ने एसपी सिटी से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
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जगतपुर मोहन तालाब निवासी रईस मियां ने एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय को पत्र देकर बताया कि उनके बेटे अयान के अपहरण और हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना में काफी खेल किया है। एक विवेचक ने तो उन्हीं के भाई और उसके दोस्त को आरोपी बनाकर पेश कर दिया। बाद में विवेचना हुई तो दूसरे विवेचक ने भी आरोपी से साठगांठ कर ली। अब तीसरी बार विवेचना सुभाष नगर इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी कर रहे हैं। अभी तक आरोपी और उनके भाई समेत तीन लोगों के नार्को टेस्ट की बात चल रही थी, अब वह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया है। नए विवेचक ने भी सच तलाशने से हाथ खड़े कर लिए हैं। वे खुद कह रहे हैं कि विवेचना उनसे हटवा ली जाए। रईस मियां का कहना था कि उनकी विवेचना सीबीआई को दिला दी जाए। साथ ही परिवार को इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए ताकि सामने घूमते आरोपी को देखकर मन में टीस न उठे। एसएसपी ने रईस मियां को कार्रवाई का आश्वासन देकर एसपी सिटी से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है।

ये था अयान प्रकरण
- 17 दिसंबर 2017 को 11 साल के अयान की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन बाद बारादरी पुलिस ने अयान के चाचा इरफान और उसके दोस्त निहाल को बतौर आरोपी जेल भेजा। जबकि रईस अहमद अड़े रहे कि हत्या उनके पड़ोसी हाजी फैसल ने रुपयों के लालच में की है। तभी से कई बार विवेचना हो चुकी है।
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