बरेली। जिला जेल के तीन बंदियों ने बंदी रक्षकों और कोर्ट की हवालात के स्टाफ की नाक में दम कर दिया है। पेशी के दौरान इन बंदियों ने पहले तो बंदी रक्षकों पर बाहर से खाना और सिगरेट मंगाकर देने का दवाब बनाया और जब उन्होंने इनकार कर दिया तो हवालात के चैनल गेट में अंगोछे से फंदा लगाकर आत्महत्या करने का ड्रामा कर शोर मचा दिया। इसके बाद दूसरे बंदियों को उकसाकर चैनल तोड़ने की भी कोशिश की। हवालात स्टाफ की शिकायत पर जेल अधीक्षक ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर इन बंदियों को दूसरे जिलों में ट्रांसफर कराने की मांग की है।
कोर्ट हवालात के हेड रामेश्वर सिंह ने जेल अधीक्षक को पत्र भेजकर 19 सितंबर के घटनाक्रम की जानकारी दी थी। बताया कि कैंट के बारीनगला का बंदी शेरपाल उर्फ शेरा, फतेहगंज पूर्वी थाने के गजरौली का रविंद्र, सिरौली के महेशपुरा का सद्दाम हुसैन बहुत हेकड़ किस्म के बंदी हैं। कोर्ट में पेशी से पहले इन्होंने हवालात में आते ही पुलिस स्टाफ पर दबाव बनाना शुरू किया कि उन्हें सिगरेट, बीड़ी और होटल से खाना लाकर दिया जाए। जब स्टाफ ने इसे गैरकानूनी बताकर मना किया तो इन्होंने हवालात गेट के चैनल में अंगोछे से गांठ लगाकर उसमें फंदा लगाने का ड्रामा किया। स्टाफ ने रोका तो पुलिसकर्मियों को गालियां देने के साथ ही चैनल को जोर जोर से हिलाकर तोड़ने की धमकी दी। हवालात में बंद दूसरे लोगों को भी चैनल तोड़ने के लिए उकसाया और साथ भागने को कहा। तब किसी तरह इन्हें नियंत्रित कर लिया गया। जेल अधीक्षक ने तीनों बंदियों को शातिर और इनकी गतिविधियों को गलत बताते हुए डीएम से इन्हें किसी दूसरे जिले की जेल में भेजने की मांग की है।