बरेली। रुहेलखंड डिपो में एआरएम के कहने पर रिश्वत लेने के आरोपी बाबू को कोतवाली पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। अब एंटी करप्शन की टीम एआरएम के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। हालांकि डिपो में भ्रष्टाचार के माहौल से परेशान कर्मचारी खुद ही एआरएम के खिलाफ साक्ष्य देने पहुंच रहे हैं। इस बीच विभाग ने घूस लेते हुए पकड़े गए बाबू को सस्पेंड कर दिया है।
एंटी करप्शन बरेली यूनिट प्रभारी सुरेंद्र सिंह की टीम ने शुक्रवार दोपहर रुहेलखंड डिपो के कंडक्टर कुणाल राय से 15 हजार रुपये लेते हुए एआरएम के कार्यालय सहायक राजीव सक्सेना को दबोचा था। बयानों के आधार पर राजीव के साथ एआरएम सत्येंद्र कुमार वर्मा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़ित कुणाल और आरोपी राजीव दोनों ने बयान दिया कि घूस एआरएम के कहने पर ली जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान ही तमाम रोडवेज कर्मी भी कोतवाली पहुंच गए थे। अधिकांश कर्मचारी प्रत्यक्ष तौर पर तो कई अप्रत्यक्ष रूप से एआरएम के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं।
जितने लंबे रूट की गाड़ी उतनी ज्यादा वसूली
डिपो में जितने लंबे रूट की गाड़ी स्टाफ को दी जाती है, उससे उतनी ज्यादा अवैध वसूली की जाती है। इसके प्रमाण समेत सोमवार को डिपो स्टाफ एंटी करप्शन से शिकायत करेगा। कई ऐसे मामले हैं जहां गंभीर आरोप दिखाकर स्टाफ पर कार्रवाई की गई पर सेटिंग के बाद उन्हें रफादफा कर दिया गया। इस बीच एआरएम ने फोन बंद कर लिया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को कार्रवाई के बाद वह दिल्ली की बस में बैठकर निकल गए थे।