शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म व शारीरिक शोषण के आरोपों में घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह मुमुक्षु आश्रम से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें सुबह करीब 10:35 मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह की कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में भी तीन लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें भी जेल भेज दिया गया।
पीड़ित छात्रा के सोमवार को 164 के तहत बयान दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला तरमीम होने और स्वामी की गिरफ्तारी की तेज हो गई थीं, लेकिन स्वामी चिन्मयानंद के बीमार पड़ने की वजह से एसआईटी गिरफ्तारी से बच रही थी। बृहस्पतिवार रात एसआईटी को भनक लगी कि स्वामी इलाज के नाम पर हरिद्वार जाने की फिराक में हैं। जानकारी मिलते ही एसआईटी सुबह करीब आठ बजे मुमुक्षु आश्रम पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर पहले चौक कोतवाली ले गई, जहां से उनकी गिरफ्तारी की कागजी कार्रवाई के बाद उनका मेडिकल कराया गया। स्वामी चिन्मयानंद सुबह करीब 10:15 बजे कचहरी पहुंच गए। 10:35 बजे वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में स्वामी पक्ष के वकील और विपक्षी वकील के बीच जिरह हुई। इसके बाद स्वामी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। उन्हें सुबह 11:05 बजे जेल भेजा गया। वहीं स्वामी से फिरौती मांगने के मामले में नाम उजागर होने पर एसआईटी ने थाना तिलहर के गांव बंथरा निवासी संजय और उसके चचेरे भाई विक्रम उर्फ दुर्गेश, सचिन सेंगर को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।