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स्वामी चिन्मयानंद-छात्रा प्रकरण पर अब तक की एक नजर

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24 अगस्त: एलएलएम की छात्रा का स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाते हुए फेसबुक पर वीडियो वायरल।
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25:अगस्त: छात्रा के लापता होने की जानकारी पिता ने मोबाइल पर हरिद्वार में मौजूद स्वामी को दी।
25 अगस्त: शाम पिता ने स्वामी पर बेटी का अपहरण, दुष्कर्म और शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
26 अगस्त: स्वामी के वकील ओमवीर ने स्वामी से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले की अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी दी।
27 अगस्त: रात करीब 10 बजे छात्रा के पिता की तहरीर पर स्वामी के खिलाफ अपहरण, जान से मारने की धमकी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। आईजी राजेश पांडेय ने इस संबंध में प्रेस कांफ्रेंस की।
28 अगस्त: छात्रा को खोजने के लिए एसपी ने टीमें लगाईं , दिल्ली के एक होटल में छात्रा की फुटेज मिलने की पुलिस ने पुष्टि की।
29 अगस्त: एसएस कॉलेज परिसर में छात्रा के हॉस्टल रूम को चौक कोतवाली पुलिस ने सील किया, इस दौरान कॉलेज स्टाफ से झड़प भी हुई।
30 अगस्त: आईजी राजेश कुमार पांडेय ने प्रेस कांफ्रेस कर छात्रा को उसके दोस्त संजय के साथ राजस्थान के एक होटल से खोज निकालने की जानकारी दी।
30 अगस्त: पुलिस से छात्रा को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली न्यायालय लाने को कहा जहां उसे दो जजों के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने सुरक्षा के लिहाज से छात्रा को दिल्ली में रोकने को कहा।
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31 अगस्त: दिल्ली पुलिस अपनी सुरक्षा में छात्रा के माता-पिता और भाई-बहन को लेकर छात्रा से मिलवाने दिल्ली ले गई। चौक कोतवाली पुलिस केस में चुप्पी साध गई।
01 सितंबर: स्वामी से पूछताछ के लिए हरिद्वार पहुंची टीम, स्वामी मौन व्रत में।
02 सितंबर: हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देशित किया कि दोनों ही मामलों की जांच को एसआईटी गठित करें, जिसकी निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ करेगी। 03 सितंबर: स्वामी मौन व्रत तोड़कर हरिद्वार से देर शाम शाहजहांपुर मुमुक्षु आश्रम पहुंच गए लेकिन मीडिया से नहीं मिले।
04 सितंबर: स्वामी बोले, एसएस कॉलेज को विश्वविद्यालय न बनने देने में रोड़ा लगाने के लिए उनके खिलाफ रची गई साजिश।
06 सितंबर: आईजी नवीन अरोड़ा के नेतृत्व में एसआईटी शाहजहांपुर पहुंच गई और घटना से जुड़े अभिलेख कब्जे में लिए।
07 सितंबर: एसआईअी एसएस कॉलेज पहुंची, एसएस लॉ कॉलेज, मुमुक्षु आश्रम, हॉस्टल के कमरे को देखा और कॉलेज स्टाफ आदि से पूछताछ की। छात्रा के घर भी पहुंची। देर रात छात्रा अपने परिजनों के साथ दिल्ली से लौटी
08 सितंबर: एसआईटी ने छात्रा के घर पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया और छात्रा के पिता को एसआईटी ने पुलिस लाइन बुलाकर घटना के संबंध में सवाल-जवाब किए।
09 सितंबर: पीड़ित छात्रा ने एसआईटी से 11 घंटे की पूछताछ के बाद मीडिया को बताया कि स्वामी ने उसके साथ दुष्कर्म व शारीरिक शोषण किया। बताया, उसके पास सबूत हैं। उसने यह भी बताया कि अन्य छात्राएं भी शोषण का शिकार हुईं। शाहजहांपुर पुलिस पर दुष्कर्म की रिपोर्ट नहीं दर्ज करने का भी आरोप लगाया।
10 सितंबर: एसआईटी एसएस कॉलेज स्थित उस हॉस्टल पहुंची, जहां छात्रा रहती थी, हॉस्टल में छात्रा के सीलबंद कमरे को खुलवाकर साक्ष्यों को इकट्ठा किया। छात्रा ने हॉस्टल के कमरे से साक्ष्य गायब करने का आरोप कॉलेज प्रशासन पर लगाया।
10 सितंबर: छात्रा से तेल मालिश कराते स्वामी चिन्मयानंद का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। इसके कुछ देर बाद फिरौती मांगने वाले संजय आदि का भी वीडियो वायरल हुआ। इससे पहले एसआईटी ने संजय से पूछताछ की।
11 सितंबर: पीड़ित छात्रा का मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल से मेडिकल परीक्षण कराया गया। कुछ सैंपल जांच को फोरेंसिक लैब भेजी गए । स्वामी के वकील से भी एसआईटी ने पूछताछ की।
12 सितंबर: स्वामी से एसआईटी ने पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया। रात एक बजे तक उनसे पूछताछ की गई।
13 सितंबर: एसआईटी पीड़ित छात्रा को मुमुक्षु आश्रम लेकर पहुंची और जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ था उस स्थान को देखा, यहां से फोरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य भी लिए।
14 सितंबर: पीड़ित छात्रा ने एसआईटी को पेन ड्राइव में 43 वीडियो, इस दावे के साथ सौंपे कि इसमें स्वामी की अश्लील वीडियो हैं।
15 सितंबर: स्वामी और छात्रा के दोस्तों से एसआईटी ने फिर से पुलिस लाइन कैंप कार्यालय बुलाया। घटना के संबंध में फिर पूछताछ की।
16 सितंबर: पीड़ित छात्रा को जजी कचहरी स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट गीतिका सिंह के समक्ष पेश कर उसके 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए।
17 सितंबर: छात्रा के कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज होने के बाद देर रात तक उनकी गिरफ्तारी और उन पर दुष्कर्म की धारा की रिपोर्ट दर्ज होने की अटकलें चलती रहीं।
18 सिंतबर: 164 के तहत बयान दर्ज होने के बाद दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़िता अपने भाई और पिता के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट वकीलों से मिलने गई और न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। इधर, स्वामी की हालत बिगड़ गईं। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
19 सितंबर: स्वामी का अल्ट्रासाउंड कराया गया और जांच के लिए ब्लड का सैंपल लिया गया। शाम को हार्ट में दिक्कत की वजह से उन्हें लखनऊ रेफर करने की बात कही गई लेकिन वह अस्पताल से आश्रम चले गए।
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20 सितंबर: सुबह आठ बजे एसआईटी ने आश्रम को घेरते हुए स्वामी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। फिरौती मांगने के आरोपी तीन लोग भी जेल गए।
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