स्वामी चिन्मयानंद के समर्थन में उतरे अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी ओम के साथ आए दारा सेना के अध्यक्ष मुकेश जैन के शाहजहांपुर की लड़कियों को ‘विषकन्या’ कहने पर प्रेसवार्ता में हंगामा हो गया। बाद में ओम और उनके साथी जैन के खिलाफ कई थानों में तहरीर दी गई। वहीं लड़कियों और महिलाओं को विषकन्या कहने पर सोमवार को शाहजहांपुर के खिरनीबाग चौराहे पर स्वामी ओम का पुतला फूंक कर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकर्ताओं ने स्वामी ओम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्वामी ओम के बोलने के दौरान ही दारा सेना अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि कानून के प्रावधानों के तहत ही किसी को बदनाम किया जाए। कहा कि जो लड़कियां खड़ी हो रही हैं, खासकर शाहजहांपुर की, उनका एक गैंग है। वे विष कन्याएं हैं, जो किसी पर भी आरोप लगा सकती हैं। बस इतना बोलते ही वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति की और हंगामा शुरू हो गया।
मीडिया कर्मियों ने जब इस बयान पर सवाल किया तो वह पलट गए और कहा कि इन शब्दों का प्रयोग स्वामी चिन्मयानंद और आसाराम पर आरोप लगाने वाली लड़कियों के लिए किया गया है। बाद में इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होने लगी।
महिला वकील ऋचा सक्सेना ने महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्द बोलने पर चौक कोतवाली में तहरीर दी। उधर, महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर भड़के अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जलालाबाद कोतवाली में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की।
राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष विपिन सिंह व तहसील अध्यक्ष अमित दीक्षित की ओर से संयुक्त रूप से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रविवार को स्वामी चिन्मयानंद के समर्थन में दो लोगों द्वारा की गई प्रेसवार्ता में शाहजहांपुर की महिलाओं व लड़कियों को विषकन्या बताकर पूरी मातृशक्ति का अपमान किया है जो अक्षम्य अपराध है। तहरीर में उन दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई है।