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विधायक के भांजे को डीएम के गनर और साथियों ने अगवा कर पीटा

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विधायक के भांजे को डीएम के गनर और साथियों ने अगवा कर पीटा - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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पीलीभीत। बरखेड़ा के भाजपा विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे रिषभ को गुरुवार रात मामूली विवाद के बाद डीएम के गनर और साथियों ने बंधक बनाकर जमकर पीटा। रिषभ से पर्स, मोबाइल और चेन लूटने का भी आरोप है। जानकारी मिलने पर कार्यकर्ताओं संग मौके पर पहुंचे विधायक ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने आरोपी सिपाही को पकड़कर पीटा और असम चौकी ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
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एएसपी रोहित मिश्रा और सीओ धर्म सिंह मार्छाल बाद में असम चौकी पहुंचे। उन्होंने सिपाही व उसके साथियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया तो भाजपा कार्यकर्ता शांत हुए। सिपाही के आरोपी साथियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
शहर की वसुंधरा कॉलोनी निवासी रिषभ गणेश चौथ मेला देखने गए थे। मंडी गेट पर उनका डीएम के गनर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सिपाही और उसके साथियों ने रिषभ को पकड़ लिया और पीटते हुए अपने साथ ले गए। उन्हें जिला अस्पताल व अन्य कई जगह ले जाया गया। विधायक को जानकारी हुई तो वह कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर जा पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने आरोपी सिपाही को पकड़कर पीटा। सिपाही के साथी मौके से भाग गए। सिपाही को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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एएसपी व सीओ मौके पर पहुंचे तो विधायक ने रात में ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। एएसपी ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। देर रात तक विधायक थाना सुनगढ़ी में जमे थे।
मेरे भांजे को अगवा कर जानलेवा हमला किया गया है। सिपाही के साथियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। लूटपाट भी हुई है। इस तरह की गुंडई बर्दाश्त नहीं होगी। ये पूरा गैंग है।
- किशनलाल राजपूत, भाजपा विधायक
पीड़ित का मेडिकल कराकर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पुलिस टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। सिपाही पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
- रोहित मिश्र, एएसपी
फिर तो जो बोलते गए विधायक करती रही पुलिस
घटना के बाद विधायक का गुस्सा देख अफसर और पुलिस वाले कुछ नहीं बोल पाए। क्योंकि आरोपी पुलिस कर्मी था इसलिए आलम ये रहा कि जो विधायक बोलते रहे पुलिस उसी पर चलती रही। विधायक ने साफ कहा कि वह शांत नहीं बैठने वाले। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी पीलीभीत बुलाएंगे। पुलिस ने चौकी से आरोपी सिपाही को ले जाने का भी प्रयास किया, लेकिन विधायक ने अन्य आरोपियों के आने तक वहीं रखने को कह दिया। काफी देर बाद एएसपी के आश्वासन पर विधायक माने।
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