बरेली। बरेली जिला अस्पताल में बदायूं के कछला निवासी किशोरी की मौत के बाद उझानी कोतवाली और कछला चौकी पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, पिता के आरोप सही माने जाएं तो उनकी बेटी के साथ रात भर दो लड़कों ने दरिंदगी की। कुछ ऐसा हुआ जो बेटी बता देती तो गजब हो जाता, शायद इसीलिए उसे इंजन के आगे डालकर मारने की साजिश की गई।
किशोरी के पिता ने बताया कि वे मजदूरी करके परिवार पालते हैं। उनकी ससुराल कासगंज क्षेत्र में है। उस रात पत्नी के साथ वहीं गए थे जिस रात ये घटना हुई। उनकी छोटी बेटी रात भर बहन के लौटने का इंतजार करती रही। सुबह जब उसके ट्रेन से कटने का पता लगा तो वे तुरंत चले आए। बेटी और गांव के लोगों से बात में जानकारी मिली कि शाम सात बजे से उनकी बेटी दो लड़कों के चंगुल में थी। रात 12 बजे इनमें से एक लड़का बस्ती की ही एक और किशोरी को लेकर आया। करीब दो घंटे बाद वो उस लड़की को छोड़ने जा रहा था तो हाईवे क्रास करते हुए पुलिस की जीप ने दोनों को रोक लिया। इनसे पूछताछ की तो ये गिड़गिड़ाने लगे। तब कुछ लोगों ने बीस हजार में समझौता करा दिया। लड़की और लड़के को अपने-अपने घर भेज दिया गया। बताया कि यही लड़की आधा घंटे बाद दोबारा से उनकी बेटी के पास पहुंच गया। यहां पहले से उसका दोस्त मौजूद था। बताया कि दोनों ने सुबह तक बेटी के साथ गलत काम किया। उनका भेद न खुल जाए, इसी वजह से इंजन के आगे डालकर भाग गए। गनीमत रही कि बेटी के पैर कटे और उसने उन्हें ये बातें बता दीं। आरोप था कि उनकी बेटी की तो जान चली ही गई, पुलिस ने उसकी तसल्ली के लिए उसके जीतेजी कोई कार्रवाई भी नहीं की।
आत्महत्या की तो भी वजह साफ नहीं
- पुलिस किशोरी की मौत के मामले में खुलकर कुछ नहीं बोल रही पर अंदरखाने वह इसे आत्महत्या मानकर चल रही है। मानना है कि लड़के परिचित रहे होंगे। ये बातें सही भी मान ली जाएं तो भी पुलिस को अपने तर्क की पुष्टि के लिए मामला दर्ज कर कड़ियां जोड़नी चाहिए थीं। अगर लड़की अपनी मर्जी से भी गई होगी तो उसके आत्महत्या की कोशिश करने की कोई वजह नहीं समझ आ रही। अब मामला दर्ज होगा तो शायद सच्चाई का पता लग सके।