बरेली। स्मैक का धंधा करने वाले भी अब हाईटेक हो गए हैं। व्हाट्एप पर स्मैक का फोटो भेज कर डील करते हैं। माल पहुंचने के बाद भुगतान पेटीएम से होता है। यह सुनकर जीआरपी अलर्ट हो गई है। जीआरपी अब गिरोह का भंडाफोड़ करने के प्रयास में है।
जीआरपी ने स्मैक की डील करने वाले तीन लोगों को अलग-अलग दिनों में पकड़कर स्मैक समेत दबोचकर जेल भेजा था। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में बताया कि वह घर से स्मैक की डील करते हैं। खरीदार के व्हाट्एप पर स्मैक का फोटो भेजकर डील तय होती है। इसके बाद पेटीएम से भुगतान होने पर स्मैक को भेज दिया जाता है। जीआरपी ने दो युवकों से करीब 140 पुड़िया बरामद की। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि पकड़े गए युवक इंटरमीडिएट के छात्र आयुष बिष्ट और मनीष देवरानी थे। दोनों पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे। इससे पहले सहारनपुर के गगन को पकड़ा था, उसके तार भी इसी गिरोह से जुड़े हुए थे। पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेज दिया था। उन्होंने कहा कि गिरोह के सरगना को जल्द दबोचा जाएगा।