आंवला (बरेली)। कोतवाली क्षेत्र के गांव दराव नगर में गली से बड़ा ताजिया निकालने का आरोप लगाकर एक पक्ष ने विरोध किया तो दूसरा पक्ष भी अड़ गया। दोनों ओर से लाठियां चलीं और पथराव हुआ, जिसमें चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। यहां बता दें कि गांव के लोगों को पहले ही मुचलका पाबंद किया गया था, अब इनसे मुचलके की राशि जमा कराई जाएगी।
मंगलवार रात गांव में ताजियों का जुलूस निकाला जा रहा था। तेलीवाड़ा मोहल्ले के ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया किया कि इस बार ताजिये बड़े और ज्यादा ऊंचे बनाए गए हैं। हालांकि कुछ लोगों के समझाने के बाद रात में उस गली से जुलूस निकाला गया। सुबह साढ़े सात बजे उसी रास्ते से वापसी होने पर फिर तकरार हो गई। एक समुदाय के लोगों ने पिछले वर्ष की तरह छोटे ताजिये सिर पर रखकर निकलने को कहा तो दूसरा समुदाय इस पर तैयार नहीं हुआ। दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। इस दौरान मारपीट शुरू हुई तो लाठियां भी निकल आईं। पत्थरबाजी में ग्रामीण लालमन, हनीफ सहित चार लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने पहले भीड़ को खदेड़ा। सूचना देकर और फोर्स मंगाया और फिर दोनों पक्षों को समझाकर गली से ताजिये निकलवा दिए गए।
वहीं प्रधान के ससुर हरिप्रकाश पाठक के गांव में गुलशेर के घर पर बैठने की जानकारी मिलने पर आक्रोशित भीड़ ने गुलशेर के घर को कूच कर दिया। भीड़ का रुख देखकर मौजूद पुलिस ने हरिप्रकाश पाठक को ग्रामीणों से बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि तेलीवाड़ा की गली से लोग सिर पर रखकर छोटे ताजिये निकालते थे। इस बार चार लोग कंधे पर रखकर बड़े ताजिये लेकर निकले, जो एक नई परंपरा है। इसका विरोध करने पर वह हमलावर हो गए।
प्रधान सुलेखा पाठक ने भी इसे नई परंपरा बताकर माहौल खराब करने की साजिश बताया। कहा कि संभ्रांत लोगों के प्रयास से विवाद टल गया। हालांकि सीओ आंवला रामप्रकाश ने ऐसी किसी घटना से ही इंकार कर दिया। कोतवाल सुनील कुमार ने बताया अमन चैन में खलल डालने की आशंका से असामाजिक तत्वों को चिह्नित करके 50 हजार रुपये से मुचलका पाबंद किया गया था। अब एसडीएम कोर्ट को इनकी रिपोर्ट भेजकर पाबंद लोगों से मुचलका राशि वसूली जाएगी।
खैलम में सुरक्षा के बीच निकले ताजिये
अलीगंज। झगड़ों के लिए विवादित हो चुके खैलम में मंगलवार को पुलिस प्रशासन की सक्रियता से माहौल बेहतर दिखाई दिया। यहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम और सीओ गांव में घूमकर टोह लेते रहे। देर शाम तक अधिकांश ताजिये निकाल दिए गए।