नवाबगंज (बरेली)। ड्राइवर को बुकिंग पर ले जाकर हत्या के मामले में पुलिस ने शव बरामद करने के बाद मंगलवार को पीलीभीत निवासी तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने लूटी कार भी नोएडा से बरामद कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो कार लूटने के बाद भाग रहे थे, लेकिन ड्राइवर इसमें बाधा बन रहा था। मजबूरन उसकी हत्या करनी पड़ी।
मोहल्ला बिजौरिया निवासी नरेश चंद्र की ईको कार चार सितंबर को पीलीभीत के कलीनगर के लिए बुक की गई थी। नरेश के न मिलने पर उनकी पत्नी ने नवाबगंज कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सोमवार को दो लोगों को हिरासत में लेकर पीलीभीत के माधोटांडा जंगल से नरेश का शव बरामद किया था। मंगलवार को पीलीभीत की राजीव कॉलोनी के शिवम सक्सेना, अरविंद गंगवार और गौहनिया सुनगढ़ी के अभिषेक को बतौर आरोपी कोर्ट में पेश किया, इन्हें जेल भेज दिया गया।
जेल जाने से पहले थाने में मास्टरमाइंड शिवम सक्सेना ने बताया कि वह गाड़ी बुक कर लूटने की पूरी प्लानिंग के साथ नवाबगंज आया था। परिचित की अंत्येष्टि के बहाने गाड़ी बुक की थी। अपना फोन होने के बाद भी दूसरे के फोन से बात की। गाड़ी पहले पीलीभीत तक के लिए बुक की और फिर अधिक भाडे़ का लालच देकर नरेश को माधोटांडा तक ले गए। माला जंगल में नदी के पुल पर गाड़ी रुकवाई और मौका मिलते ही ड्राइवर के सिर में डंडा मार दिया। ड्राइवर बेहोश हो गया तो उसकी जेब खंगाली। जेब में सिर्फ 40 रुपये मिले तो गुस्से में ड्राइवर को सड़क किनारे डालकर भागने लगे। इतने में ड्राइवर नरेश को होश आ गया और वो पीछे भागने लगा। शिवम के मुताबिक तब उन लोगों ने कार मोड़कर नरेश के पीछे दौड़ा दी। बचने के लिए नरेश जंगल की तरफ भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव छिपाया और कार लेकर भाग गए।
लखीमपुर में गाड़ी को भाड़े पर चलाकर किया गुजारा
आरोपियों ने तीन दिन लखीमपुर में इसी कार को किराये पर चलाकर अपने खर्चे पूरे किए। गाड़ी बेचने की भी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आरोपी दिल्ली के चोर बाजार में गाड़ी बेचने के लिए निकले, लेकिन संयोग से नोएडा में कार खराब हो गई। आरोपियों ने नोएडा में ही कार बेचने की कोशिश की, लेकिन कोई 50 हजार भी देने को राजी नहीं हुआ। इस पर आरोपियों ने कार का पहिया खोलकर एक दुकान पर रख दिया और गाड़ी के टायर के नीचे ईटें लगाकर दुकानदार से निगरानी करने की बात कहकर निकल आए।
मां से लिपटकर रोया आरोपी
पुलिस जव कोतवाली से आरोपियों को लेकर जाने लगी तो अरविंद गंगवार की मां उससे मिलने पहुंची। मां को देख आरोपी फूट-फूटकर रोने लगा। अरविंद ने बताया कि वह निर्दोष है। वह शुगर मिल के गेट पर जूस का ठेला लगाता है। यह दोनों जूस पीने आ आते थे तो इनसे जान पहचान हो गई। इन्हीं लोगों ने उसे फंसा दिया।
‘कार और रुपये लूट की खातिर ड्राइवर की हत्या की गई थी। इस मामले में खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा गया है।’ - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात