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डोहरा रोड पर ताजिया जुलूस रोकने की कोशिश, तीन को थाने में बैठाया

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बरेली। बिथरी के उमरिया में पिछली साल मोहर्रम में ताजिये ले जाने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने इस बार ताजियों का रूट बदल दिया था। डोहरा मेन रोड से जुलूस निकालने के दौरान अपना दल पदाधिकारियों समेत स्थानीय ग्रामीणों ने नई परंपरा बताकर विरोध की कोशिश की तो एसपी सिटी ने तीन लोगों को बारादरी थाने भिजवा दिया। हालांकि डीआईजी से शिकायत के बाद इन्हें छोड़ दिया गया।
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रिकार्ड के मुताबिक पहले कलारी, चंदपुर गांवों के ताजिये डोहरिया होकर उमरिया जाते थे। पिछली साल कांवड़ यात्रा के विरोध को लेकर हुए विवाद के बाद ताजियों का रास्ता भी विवादित हो गया। इस वजह से पुलिस प्रशासन ने ताजिया निकालने वालों को इस बात पर मना लिया था कि वे लोग डोहरा रोड के आम रास्ते पर होकर ताजिये ले जाएं। ये लोग तैयार भी हो गए पर इस रास्ते पर मौजूद गांवों के लोगों ने विरोध का बिगुल बजा दिया। इसी सिलसिले में सोमवार को एक बैनर लगाकर विरोध दर्ज कराया गया था। कहा गया था कि इस रास्ते से ताजियों का जुलूस न निकाला जाए। पुलिस ने बैनर हटवा दिया था।
मंगलवार सुबह दस बजे करीब जुलूस जब डोहरा रोड पर आया तो बवाल की आशंका से पुलिस प्रशासन की टीमें साथ चल रही थीं। डोहरा में अपना दल कार्यालय के पास कुछ ग्रामीणों ने जुलूस का विरोध किया। तब पीछे से आए एसपी सिटी ने इनमें से तीन लोगों को पकड़वाकर बारादरी थाने भिजवा दिया। इनमें अपना दल के जिला उपाध्यक्ष दिनेश पटेल, भानु और प्रेम बाबू शामिल थे। प्रेमबाबू को थोड़ी देर बाद तो भानु को दोपहर बाद छोड़ा गया। दिनेश को भी देर रात छोड़ने की बात कही जा रही थी।
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- पुराने रास्ते को लेकर ही पिछली साल विवाद हुआ था। इसलिए सर्वसम्मति से मेन रोड को ताजिया निकालने के लिए चुना था ताकि गांवों के रास्तों से जुलूस निकालने में कोई आपत्ति न हो। इसके बावजूद कुछ लोग नेतागिरी कर रहे थे। उन्हें समझा दिया गया। किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। - अभिनंदन सिंह. एसपी सिटी

- प्रशासन ने यह नई परंपरा डलवा दी है। इस रास्ते से कभी कोई ताजियों का जुलूस नहीं निकला। आसपास के कई गांवों में इस गतिविधि को लेकर गुस्सा है। हमारे लोगों को थाने में बैठा लिया, डीआईजी से शिकायत के बाद छोड़ गया। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताएंगे। - गजेंद्र पटेल, महानगर अध्यक्ष, अपना दल
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