सीबीगंज। कार शोरूम के सर्विस मैनेजर से मारपीट के मामले में दरोगा शशांक सिंह को निलंबित करने के बाद आगे की कार्रवाई से एजेंसी प्रबंधन परहेज कर रहा है। इसलिए इस मामले में अगले दिन भी कोई तहरीर नहीं दी गई। प्रबंधन अलग तरह की बातें कर रहा है, हालांकि कर्मचारियों में घटना को लेकर रोष है।
रविवार को मीरगंज थाने में तैनात दरोगा शशांक सिंह अपनी बहन डॉ. रितिका सिंह की एक्सीडेंट हुई गाड़ी लेने बहन के साथ परसाखेड़ा स्थित एकेसी हुंडई एजेंसी पहुंचे थे। गाड़ी ठीक न होने पर उन्होंने सर्विस मैनेजर हिमांशु के साथ मारपीट की थी। सारी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इस दौरान शोरूम कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि एजेंसी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थी। मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो एसएसपी शैलेश कुमार पांडे ने रविवार देर रात दरोगा को सस्पेंड कर दिया था। सीबीगंज इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने बताया कि सोमवार को भी इस मामले में एजेंसी की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। अगर एजेंसी के मालिक कोई तहरीर देते हैं तो उसके अंदर आप कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी के कर्मचारियों में घटना को लेकर गुस्सा था। दबी जुबान उनका कहना था कि अफसरों ने खुद संज्ञान लेकर दरोगा को निलंबित कर दिया वर्ना ये कार्रवाई भी नहीं होती। वहीं एजेंसी के एमडी अल्पित अग्रवाल ने बताया कि हिमांशु को घटना से सदमा लगा है। वह छुट्टी लेकर घर गए हैं। उनके लौटने पर उनसे बात की जाएगी। अगर वो चाहेंगे तो कार्रवाई कराई जाएगी।