बरेली। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जारी हुए हाई अलर्ट के बाद कैंट इलाके में एक युवक की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही मिलिट्री इंटेलिजेंस ने उसे हिरासत में ले लिया। बिहार के सीतामढ़ी जिले में रहने वाले असलम अंसारी नाम के इस युवक ने हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान भी तमाम सवालों के संतुष्ट करने लायक जवाब नहीं दिए तो इंटेलिजेंस कई घंटे तक उसके बारे में गहन छानबीन करने में जुटी रही। जंक्शन जाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल कर उसकी जांच की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह बरेली कब और किसके साथ आया था। जांच में कोई ठोस प्रमाण न मिलने के बाद उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि सूत्रों के मुताबिक युवक को पूरी तरह शक से बरी नहीं किया गया है।
सोमवार सुबह ही मिलिट्री इंटेलिजेंस को कुछ लोगों ने सूचना दी कि कैंट के इलाके में कई घंटों से एक युवक को देखा जा रहा है जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं। इस सूचना के बाद सुबह करीब नौ बजे कैंट के सदर इलाके में स्थित एक मजार पर मिले करीब 23 वर्षीय इस युवक को मिलिट्री इंटेलिजेंस ने हिरासत में ले लिया। इंटेलिजेंस के लोगों ने मौके पर ही उससे पूछताछ की तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर इंटेलिजेंस टीम उसे उठाकर अपने दफ्तर ले गई। यहां उससे यहां करीब सात घंटे पूछताछ की गई। उसने अपना नाम असलम अंसारी बताया। बताया कि उसके पिता का नाम तैयब अंसारी है और वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के थाना रुनी सैदपुर के वार्ड नंबर दो समुअल शाहपुर का निवासी है।
युवक के मुताबिक वह अपने एक दोस्त के साथ रविवार रात बरेली जंक्शन आया था। कल वह भटक गया और काफी देर जंक्शन के पास एक पार्क में बैठा रहा। उसे किसी ने इस मजार का पता बताया तो वह यहां चला आया। असलम की बात की पुष्टि के लिए मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारी मंगलवार दोपहर जंक्शन पहुंचे। जीआरपी थाने पहुंचकर इंटेलीजेंस ने स्टेशन परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की और फिर करीब डेढ़ घंटे तक उसकी छानबीन करते रहे। असलम कई बातें ठीक निकलीं तो इंटेलिजेंस ने उसके परिवार से संपर्क साधा। उसके पिता से बात करके उनके आने की तस्दीक की और फिर उसे कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। कैंट इंस्पेक्टर अवनीश कुमार ने बताया कि सेना इंटेलिजेंस को जासूसी का शक था लेकिन जांच में कोई खास प्रमाण नहीं मिला। देर रात असलम के पिता तैयब अंसारी थाने पहुंचे और अपनी सुपुर्दगी में बेटे को ले गए।
नाम, बढ़ी दाढ़ी और बिहार के पते से गहराया शक
असलम की कई गतिविधियां ऐसी थीं जिनकी वजह से उस पर संदेह और बढ़ता चला गया। इंटेलिजेंस टीम जब उसके पास पहुंची तो वह काफी घबरा गया था। पहले से मानसिक मंद असलम की जुबान लड़खड़ा गई और वह संदेह के घेरे में आता चला गया। उसका मुस्लिम नाम, स्लीपर सेल के लिए बदनाम बिहार से जुड़ी पहचान और बढ़े बाल व दाढ़ी का हुलिया समेत कई ऐसी चीजें हो गईं जिसके बाद गहनता से उसके बारे में जानकारी जुटाना जरूरी हो गया। वह सही बात बताने भी लगा तो भी तस्दीक के लिए उसे ले जाकर पूरी पड़ताल कर ली गई।