शाहजहांपुर। छात्रा के अपहरण के आरोप से घिरे पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने तीन दिवसीय मौन व्रत धारण कर लिया है। अब उनके समर्थक भी जल्द व्रत तोड़ने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्वामी जी को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है, लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह उन्हें न्याय देगा और वह यहां आकर अपनी बात रख सकेंगे।
मुमुक्ष आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद से कॉलेज के अलावा भी लोग राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं। छात्रा के अपहरण के आरोप के बाद पार्टी के नेता तो इस मामले को लेकर चुप्पी साध गए लेकिन उनके नजदीकी रामबरन सिंह का कहना है कि स्वामी जी को किसी षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। उन्हें भरोसा है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वामी जी के शुभचिंतकों में शिक्षक ईशपाल ने कहा कि उन सभी लोगों को इंतजार है कि स्वामी जी अपना मौन व्रत तोड़कर जल्द ही शाहजहांपुर आएं और सभी के सामने अपनी बात रखें ताकि षड्यंत्रकारियों का खुलासा हो सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के अलावा जिले में काफी उनके नजदीकी लोग हैं जो उनके व्रत तोड़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। अधिवक्ता ओम सिंह का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि स्वामी जी जल्द ही यहां आएंगे। पार्टी के कई पदाधिकारी भी इसी उम्मीद में हैं, लेकिन अभी कोई भी बयान देने से बच रहे हैं।