बरेली। बुधवार की सुबह दस बजे ही थे कि अचानक रजिस्ट्री दफ्तर में हलचल शुरू हुई। एकाएक भारी तादाद में पुलिस बल पहुंचा और फिर कुछ ही मिनट बाद कई लोगों से घिरे साक्षी और अजितेश सब रजिस्ट्रार प्रथम के दफ्तर में दाखिल हुए। आनन-फानन में दोनों के इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर दोनों के थंब इम्प्रेशन लिए गए। अजितेश के पिता हरीश नायक और भाई अभिषेक ने गवाही की औपचारिकता पूरी की और तीन जुलाई को घर छोड़कर निकलने तक साक्षी मिश्रा के नाम से जाने जानी वाली विधायक की बेटी की पहचान बदलकर साक्षी नायक हो गई। इस पूरी प्रक्रिया में बमुश्किल पांच मिनट लगे। साक्षी की ओर से रजिस्ट्री दफ्तर में कोई गवाह भी पेश नहीं हुआ।
साक्षी तीन जुलाई को अपने भाई के दोस्त अजितेश के साथ घर छोड़कर चली गई थी। पांच दिन बाद साक्षी और अजितेश ने एक वीडियो वायरल कर अपने प्रेम विवाह का खुलासा किया। साक्षी ने अपने पिता बिथरी विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल से अपनी और अजितेश को जान का खतरा भी बताया। इसी के साथ यह प्रकरण देश भर की मीडिया की सुर्खियों में आ गया। टीवी चैनलों पर लंबी बहस के दौरान साक्षी और अजितेश को पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी गई। हालांकि सुरक्षा मिलने के बाद भी दोनों बरेली नहीं लौटे बल्कि दिल्ली में ही डेरा जमा लिया। इस बीच दोनों सुरक्षा के लिए फरियाद करने इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पहुंचे। हाईकोर्ट ने उन्हें दो महीने के अंदर उन्हें अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया था। इसी के चलते घर छोड़कर भागने के बाद बुधवार को पहली बार साक्षी पति अजितेश के साथ बरेली पहुंची। दोनों को पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में रजिस्ट्री ऑफिस ले जाया गया। दोनों सुबह दस बजकर पांच मिनट पर दफ्तर पहुंचे। यहां प्रभारी सब रजिस्ट्रार प्रथम विकास सक्सेना ने मैरिज का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उनका थंब इम्प्रेशन लेने की औपचारिकता पूरी की जिसमें बमुश्किल पांच मिनट लगे। दस बजकर बारह मिनट पर ये लोग इनोवा गाड़ी से पुरानी जेल रोड की ओर निकल गए।
कानूनी तौर पर शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अब साक्षी के नाम से मिश्रा हट जाएगा। उसकी नई पहचान साक्षी नायक के तौर पर होगी। साक्षी के साथ अजितेश, उसके पिता हरीश नायक और भाई अभिषेक आए थे। अभिषेक और हरीश नायक ने ही गवाही की औपचारिकता पूरी की। गवाही में साक्षी की ओर से कोई व्यक्ति पेश नहीं हुआ। साक्षी और अजितेश ने अपने आधार कार्ड और हाईस्कूल का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। दस रुपये का शुल्क भी अदा किया गया। साक्षी नीले रंग का सूट पहने थी जिस पर पीला दुपट्टा था। अजितेश नीले रंग की हॉफ शर्ट और जींस पहने थे।
गुपचुप हुई सारी तैयारी ताकि न हो हाईकोर्ट जैसी मारामारी
बरेली पुलिस के दो गनर साक्षी और अजितेश की सुरक्षा में स्थायी रूप से लगे हुए हैं। शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए साक्षी और अजितेश के बरेली आने की जानकारी पुलिस और प्रशासन को मंगलवार को ही दे दी गई थी, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिहाज से इसे पूरी तरह गोपनीय रख गया था। बुधवार को भी उनके रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचने से पहले वहां अच्छे-खासे सुरक्षा इंतजाम किए गए। दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी याचिका की सुनवाई के लिए पहुंचे अजितेश की वकीलों ने पिटाई कर दी थी। शादी के रजिस्ट्रेशन के दौरान यहां आने की सूचना लीक होने से साक्षी-अजितेश के साथ उन पर हमला होने की आशंका पुलिस-प्रशासन को भी थी। इसी वजह से आमतौर पर दस बजे के बाद आने वाले रजिस्ट्री दफ्तर के स्टाफ को बुधवार को ऐन दस बजे बुला लिया गया था। साक्षी और अजितेश की सुरक्षा में इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल के साथ कई और इंस्पेक्टर, दरोगा समेत करीब पचास पुलिसकर्मी मौजूद थे। भारी फोर्स देखकर यहां काम करने वाले कातिब व अन्य कर्मचारी हैरत में थे।
सवा दो घंटे अपने घर में रुके अजितेश और साक्षी
दिल्ली से किराये की गाड़ी में आए, रजिस्ट्री दफ्तर जाने से पहले वीरसावरकरनगर पहुंचे
बरेली। शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दिल्ली से आई साक्षी अपनी ससुराल में सवा दो घंटे रुकी। दिल्ली से ये दोनों बुधवार सुबह सीधे अजितेश के घर ही पहुंचे और फिर रजिस्ट्री दफ्तर में रजिस्ट्रेशन का काम निपटाने के बाद फौरन बरेली छोड़ दी।
साक्षी और अजितेश ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी का पंजीकरण कराने के लिए दिल्ली से ही ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। आवेदन के बाद प्रमाणपत्र लेने की औपचारिकता पूरी करने के लिए अधिकतम दो महीने का समय दिया जाता है। यह अवधि खत्म होने से पहले ही दोनों का रजिस्ट्रेशन के लिए बरेली के रजिस्ट्री दफ्तर आना जरूरी था। इनकी सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई को गोपनीय रखा गया। केवल चुनिंदा लोगों को ही ये जानकारी थी। सूत्रों के मुताबिक सुबह साढ़े सात बजे दोनों कार से वीर सावरकर नगर में अजितेश के घर पहुंचे। अजितेश के पिता और बहन भी साथ में थे। ये लोग पौने दस बजे तक घर में रहे। इस दौरान परिवार के खास परिचितों ने उनसे मुलाकात भी की। फिर अजितेश ने अपने पिता-भाई और साक्षी के साथ रजिस्ट्री दफ्तर का रास्ता पकड़ा। इसी गाड़ी से ये लोग वापस दिल्ली निकल गए। दोपहर के वक्त अजितेश के घर में उनकी दादी सुशीला देवी और दादा मोहनलाल ही मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर मिला सबक याद रहा इसीलिए बदले सुर
अजितेश के साथ बरेली से जाने के बाद साक्षी ने टीवी चैनलों के स्टूडियो में अपने विधायक पिता पर जमकर आरोप लगाए थे। एक-दो दिन यह क्रम चलने के बाद ही देश भर में साक्षी को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जाना शुरू कर दिया गया। यहां तक सुपर स्टार अमिताभ बच्चन, कुमार विश्वास जैसी तमाम हस्तियों ने भी उस पर तंज कसा। इसी दौरान अजितेश के नशा करते और असलहों का प्रदर्शन करते हुए फोटो वायरल हुए तो मामला उलटा हो गया। अजितेश के पड़ोसियों ने उसके चरित्र पर उंगली उठाई तो इंदौर के एक परिवार ने भी आरोप लगाया कि वह पहले उनकी बेटी से इंगेजमेंट कर चुका है। इसके बाद साक्षी और अजितेश के चेहरे टीवी चैनलों से गायब हो गए। सोशल मीडिया पर काफी दिनों तक जमकर निशाने पर रही साक्षी ने शायद इसी कारण बरेली की ओर रुख करने से पहले सोशल मीडिया पर सुर बदले। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की। लोगों का मानना है कि अजितेश और साक्षी ने रणनीति के तौर पर ही ऐसा किया ताकि लोगों का उनके प्रति गुस्सा कम हो जाए। साक्षी के विधायक पिता पहले ही उससे हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करने की बात कह चुके हैं।