बरेली। एक ही नाम और वल्दियत होने के कारण पुलिस ने मारपीट और गुंडा एक्ट के चालान को असली उस्मान के पास उसी नाम के दूसरे शख्स को तामील करा दिया। इसके बाद यह व्यक्ति सात महीने से सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में बेकसूर होने के बावजूद हाजिरी दे रहा है। इस मामले में फंसे पीड़ित ने शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार से मिलकर दर्द बयां किया है। मदन कुमार ने भुक्तभोगी को इस मामले की एक दरख्वास्त देने का कहा है।
सीबीगंज के बुधौलिया गौंटिया के रहने वाले उस्मान पुत्र सुलेमान ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि लकड़ी चोरी के मामले में उनके ही नाम और वल्दियत के एक दूसरे शख्स के खिलाफ पुलिस ने गुंडा एक्ट और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की थी। यह मामले की सुनवाई सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही है। पीड़ित का कहना है कि यह प्रकरण पिछले साल नवंबर का है लेकिन पुलिस ने इस मामले के असली अभियुक्त उस्मान की जगह चालान उसे दे दिया है। जबकि इस मामले से उसका कोई लेनादेना नहीं है। उस पर कोई आपराधिक मामला अब तक दर्ज नहीं है लेकिन पुलिस की लापरवाही से उसे अभियुक्त बना दिया गया हैै। इसकी वजह से उसे बार-बार कोर्ट भी आना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत की लेकिन उनका कहना है कि अब कोर्ट की कोई निर्णय ले सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट से पीड़ित से इस मामले में प्रार्थनापत्र देने को कहा है।
एक ही नाम और पिता का नाम होेने की वजह से ऐसी गलती हो सकती है। पीड़ित से प्रार्थना पत्र देने को कहा गया है। इसके आधार पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।- मदन कुमार,सिटी मजिस्ट्रेट