बरेली। तीन तलाक की पैरोकार फरहत नकवी और निदा खान के साथ पूरे शिया समुदाय पर मोईन सिद्दीकी (चोटी कटवा) ने जुबानी हमला किया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मोईन निदा और फरहत को तीन दिन के अंदर देश से निकाल देने की बात कहते हुए दिख रहे हैं। इस बयान पर फरहत और निदा ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ये देश मोईन की जागीर नहीं है। मोईन अगर सच्चा मुसलमान है तो तीन दिन में उन्हें देश से बाहर निकालकर दिखाए।
आल इंडिया फैजाने मदीना कौंसिल नाम का संगठन चलाने वाले मोइन सिद्दीकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक बार फिर निदा और फरहत को निशाना बनाया गया है। वीडियो में मोईन ये कहते दिख रहे हैं कि फहरत खुद को मुसलमान कहती हैं, लेकिन फरहत तो क्या पूरा शिया समुदाय मुसलमान नहीं है। अगर कोई उलमा उन्हें मुसलमान कहता है तो उन्होंने कुरान और हदीस के हवाले से उसे गलत साबित करने का दावा किया है। मोइन ने वीडियो में कहा है कि फरहत नकवी और निदा समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है, लेकिन अब अवाम ने तय कर लिया है कि तीन दिनों के अंदर निदा और फरहत को भारत से भगा देना है। मोइन ने लगभग डेढ़ साल पहले भी इन दोनों महिलाओं की चोटी काटने वालों को 11 हजार का ईनाम देने की बात कही थी।
‘मोइन सिद्दीकी पहले भी चोटी काट कर पत्थर मारने, देश से निकालने और 11 हजार रुपये इनाम तक की बात कह चुका है। मोइन ऐसा कहकर शोहरत कमाना चाहता है। रही बात शिया के मुसलमान न होने की तो वो कुरान का हवाला दें। जहां तक देश से निकालने की बात है तो यह देश उनके परिवार की जागीर नहीं है। हम चुनौती देते हैं कि मोइन अगर सच्चा मुसलमान है तो तीन दिन के अंदर देश से बाहर निकाल कर दिखाए। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही प्रशासन की भी है कि डेढ़ साल पहले मोइन के खिलाफ एफआईआर हुई, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। वह क्यों खुला घूम रहा है।
- फरहत नकवी, अध्यक्ष मेरा हक फाउंडेशन।
‘कुछ लोग सुर्खियों में बने रहने के लिए और अपनी राजनीति चमकाने के लिए मेरा नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर पुलिस पिछले साल मोईन के खिलाफ कार्रवाई कर देती तो यह दुबारा नहीं होता। वह मेरे मौलिक अधिकार आर्टिकल 15, 19 और 25 का बार बार हनन कर रहा है और प्रशासन मौन हो कर सब देख रहा है। अगर कल को मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
- निदा खान, अध्यक्ष आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी।